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रवि कुमार पर बैन लगने के बावजूद क्या टोक्यो ओलंपिक के कोटे पर नहीं पड़ेगा कोई असर?
Tue, 05 Nov 2019 05:44 PM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंशुल तलमले
Updated Tue, 05 Nov 2019 05:44 PM IST
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रवि कुमार
- फोटो : ट्विटर
भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएलएफ) के सचिव सहदेव यादव ने कहा है कि राष्ट्रमंडल खेल 2010 के स्वर्ण पदक विजेता रवि कुमार कतालु और चार अन्य भारोत्तोलकों पर लगे चार साल के प्रतिबंध का टोक्यो में अगले साल होने वाले ओलंपिक में भारत के कोटा स्थान पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
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ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2014 में भी रजत पदक जीतने वाले रवि, जूनियर राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता पूर्णिमा पांडे, हिरेंद्र सारंग, दीपिका श्रीपाल और गौरव तोमर को प्रतियोगिता के दौरान और इतर हुए परीक्षण में प्रतिबंधित पदार्थों के लिए पॉजीटिव पाया गया है। रवि कुमार को प्रतिबंधित पदार्थ ओस्टेरिन के लिए पॉजीटिव पाया गया।
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ओस्टेरिन एक ‘सिलेक्टिव एंड्रोजेन रिसेप्टर माड्युलेटर (एसएआरएम)’ है जो मांसपेशियों को बढ़ा सकता है। उन्हें इस साल विशाखापत्तनम में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान हुए परीक्षण में पॉजीटिव पाया गया। यादव ने रवि कुमार के निलंबन की पुष्टि की, लेकिन इन अटकलों को बकवास करार दिया कि आईडब्ल्यूएलएफ पर 2020 ओलंपिक कोटा स्थान गंवाने का खतरा मंडरा रहा है।
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यादव ने मंगलवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान हुए डोपिंग उल्लंघनों को ही गिना जाता है जहां वाडा भारोत्तोलनों का परीक्षण करता है। नाडा की सजा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वैध नहीं होती ‘इसलिए इस सजा को नहीं गिना जाएगा और मैं आपको आश्वासन दे सकता हूं कि जब तक टोक्यो ओलंपिक के कोटा स्थान का सवाल है तो भारतीय भारोत्तोलक सुरक्षित हैं।
अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएफ) के नए नियमों के अनुसार अगर 2008 और 2020 के बीच अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में (जहां वाडा ने परीक्षण किया हो) किसी देश के 20 या उससे अधिक खिलाड़ी डोपिंग उल्लंघन के दोषी पाए जाते हैं तो वह देश सिर्फ एक पुरुष और एक महिला भारोत्तोलक को ही ओलंपिक में भेज सकता है।
बीस से कम डोपिंग उल्लंघन वाले देश दो पुरुष और दो महिला खिलाड़ियों को भेज सकते हैं। यह नई नीति पिछले साल प्रभावी हुई थी जब अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने डोपिंग रिकार्ड में सुधार करने में विफल रहने पर खेल को पेरिस 2024 खेलों के ओलंपिक कार्यक्रम से हटाने की धमकी दी थी।