महान मुक्केबाज मोहम्मद अली का 74 साल की उम्र में निधन
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मोहम्मद अली को सांस लेने में तकलीफ के कारण एक दिन पहले एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह पार्किन्सन की बीमारी से जूझ रहे थे।
74 वर्षीय अली के प्रवक्ता बाब गुनेल ने बताया था कि पूर्व हैवीवेट चैंपियन मुक्केबाज को सांस लेने में तकलीफ थी। उन्हें कुछ समय अस्पताल में बिताना पड़ेगा। इससे पहले उन्हें 2015 में पेशाब संबंधी परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
दुनिया के सबसे लोकप्रिय और महान मुक्केबाज के रुप में आंके गए मोहम्मद अली ने 1981 में पेशेवर बॉक्सिंग से उस समय संन्यास ले लिया था जब उन्हें अपने 61वें मुकाबले में ट्रेवर बेरविक के हाथों मात मिली थी।
ठीक इससे पहले, अली के बारे में डॉक्टर्स कहने लगे कि 1970 की शुरुआत से उनके शरीर में सुस्ती और तंत्रिका तंत्र में नुकसान होने के लक्षण दिखने लगे थे और तभी से उनमें पार्किन्सन की बीमारी का इलाज शुरू कर दिया गया था।
साइकिल चोरी होने के बाद अली ने शुरू की थी बॉक्सिंग
मोहम्मद अली जो खुद को महानतम कहा करते थे ने कुल 4 बार शादियां की और उनसे 9 बच्चे हुए। इन 9 में से एक बेटी लैला हुई जो खुद एक मशहूर पेशेवर बॉक्सर बनीं।
मुक्केबाज अली और उनकी चौथी पत्नी योलांदा लोनी विलियम्स ने 1986 में शादी की थी। अली का असली नाम कैसियस क्ले है और उनका जन्म 17 जनवरी, 1942 को हुआ था।
अली का मुक्केबाज बनने का सफर बेहद रोमांचक रहा। वह 12 साल की उम्र में अपने गृहनगर लुसीविले में उस समय पहली बार रिंग में उतरे जब उनकी साइकिल चोरी हो गई और एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें बॉक्सर बनने का सुझाव दिया। बाद में अली महान एथलीट बन गए और दुनिया से खेल जगत से महानतम हस्तियों में शुमार हो गए।
108 एमेच्योर मुकाबले में 100 मुकाबलों में जीत के बाद वह 1960 के रोम ओलंपिक में अमेरिका के लिए भाग लिया और गोल्ड मेडल के साथ वापस लौटे। बाद में उन्होंने यह स्वर्ण पदक नदी में फेंक दिया क्योंकि उन पर लगातार नस्लीय टिप्पणियां की जाती थी।