टोक्यो ओलंपिक: भारतीय रेलवे की तरफ से खुला खाता, बतौर ओएसडी स्पोर्टस कार्यरत हैं मीराबाई
26 वर्षीय मीराबाई चानू ने ओलंपिक खेलों की भारोत्तोलन स्पर्धा में पदक जीत कर भारत का 21 साल का इंतजार खत्म किया है। इससे पहले कर्णम मल्लेश्वरी ने सिडनी ओलंपिक 2000 में देश को भारोत्तोलन में कांस्य पदक दिलाया था...
विस्तार
भारतीय महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने शनिवार को टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। मीराबाई ने 49 किलोग्राम वर्ग में पदक अपने नाम किया। भारतीय रेलवे में कार्यरत खिलाड़ी चानू वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। चानू पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे गुहावाटी में ओएसडी स्पोर्टस के रूप में कार्यरत है। रजत पदक जीतने के बाद रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट कर कहा कि भारतीय रेलवे की महिला भारोत्तोलन खिलाड़ी मीराबाई चानू को टोक्यो ओलंपिक में पहल पदक जीते के लिए बहुत बधाई।
Living upto Expectations & making everyone Proud !
Congratulations to Ms. Saikhom Mirabai Chanu for her splendid performance in #TokyoOlympics2020 and winning Silver for India.विज्ञापन
Rlys' weightlifter Ms.Mirabai Chanu wins Silver.
Entire Railway family is proud of Ms.Mirabai Chanu. pic.twitter.com/iwatPVj0mb — Ministry of Railways (@RailMinIndia) July 24, 2021
26 वर्षीय मीराबाई चानू ने ओलंपिक खेलों की भारोत्तोलन स्पर्धा में पदक जीत कर भारत का 21 साल का इंतजार खत्म किया है। इससे पहले कर्णम मल्लेश्वरी ने सिडनी ओलंपिक 2000 में देश को भारोत्तोलन में कांस्य पदक दिलाया था।
चानू ने क्लीन एवं जर्क में 115 किग्रा और स्नैच में 87 किग्रा से कुल 202 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। चीन की होऊ झिऊई ने कुल 210 किग्रा (स्नैच में 94 किग्रा, क्लीन एवं जर्क में 116 किग्रा) से स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इंडोनेशिया की ऐसाह विंडी कांटिका ने कुल 194 किग्रा का वजन उठाकर कांस्य पदक हासिल किया।
08 अगस्त 1994 को जन्मी और मणिपुर के एक छोटे से गांव में पली बढ़ी मीराबाई बचपन से ही काफी हुनरमंद रही हैं। चानू 2017 में वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप (48 किलो) की चैंपियन बनी थीं। इसी साल अप्रैल में चानू ने 86 किलो स्नैच और वर्ल्ड रिकॉर्ड 119 किलो वजन उठाकर खिताब जीता था। उन्होंने कुल 205 किलो वजन उठाकर ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
2016 के रियो ओलंपिक चानू का प्रदर्शन निराशानजक रहा था। लेकिन फिर उन्होंने अपने खेल में सुधार किया। 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप और 2018 में कॉमनवेल्थ में गोल्ड मेडल जीता था।