{"_id":"5b96e68a867a5501350ae0bd","slug":"indian-walking-team-disqualified-with-planning-claims-coach-alexander-artsiabeshev","type":"story","status":"publish","title_hn":"एशियाई खेलों में भारत के साथ हुआ धोखा, पूर्वनियोजित तरीके से भारतीय वॉकरों को किया गया डिसक्वालिफाई","category":{"title":"Other Sports","title_hn":"अन्य खेल","slug":"other-sports"}}
एशियाई खेलों में भारत के साथ हुआ धोखा, पूर्वनियोजित तरीके से भारतीय वॉकरों को किया गया डिसक्वालिफाई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 11 Sep 2018 03:17 AM IST
विज्ञापन
एशियन गेम्स 2018
भारतीय वॉकिंग टीम के विदेशी कोच अलेक्जेंडर आर्टसियाबेशेव ने जकार्ता एशियाई खेलों में देश के वॉकरों के डिसक्वालिफिकेशन को साजिश करार दिया है। रूसी कोच ने एथलेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया को दी गई रिपोर्ट में कहा है कि उन्हें लगता है कि भारतीय वॉकरों को डिसक्वालिफाई किया जाना पूर्वनियोजित था।
विज्ञापन
केटी इरफान को 20 किलोमीटर वॉक के छठे ही लैप में तीन वार्निंग दिया जाना तर्कसंगत नहीं है यही नहीं यह लगभग असंभव है। जकार्ता में रेस के दौरान कोई भारतीय जज नहीं था। वरना इसके खिलाफ आवाज उठाई जा सकती थी। वहीं फेडरेशन ने विदेशी कोच से पदक के दावेदार तीन वॉकरों के डिसक्वालिफाई किए जाने पर स्पष्टीकरण मांग लिया है।
विज्ञापन
जकार्ता रवानगी से पूर्व 20 किलोमीटर वॉकर केटी इरफान, मनीष रावत, खुशबीर कौर, सौम्या और 50 किलोमीटर वॉकर संदीप कुमार को पदक का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन खुशबीर को छोड़ बाकी सभी चार वॉकरों को जजों की ओर से डिसक्वालिफाई कर दिया गया। फेडरेशन ने इस पर नाराजगी जताई है और विदेशी कोच अलेक्जेंडर से जवाब तलबी कर ली है।
विज्ञापन
वहीं अलेक्जेंडर ने अपने जवाब में वॉकरों के डिसक्वालिफाई किए जाने को सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने इरफान का उदाहरण दिया कि वह लीडर ग्रुप में थे और चौथे स्थान पर चल रहे थे। वह 12 से 13 किलोमीटर वॉक कर चुके थे, लेकिन इसी लैप में उन्हें तीन चेतावनियां जारी कर डिसक्वालिफाई कर दिया गया। उनकी नजरों में यह असंभव है। ऐसा नहीं हो सकता है।
इसी से उनके दिमाग में यह बात आ रही है कि भारतीय वॉकरों को डिसक्वालिफाई किया जाना पूर्वनियोजित था। यही नहीं कोच ने वॉकिंग को एथलेटिक्स की सबसे भ्रष्ट रेस करार देते हुए कहा कि सब कुछ जजों पर निर्भर करता है और उनके फैसलों के खिलाफ कोई कुछ कर भी नहीं सकता है।
अलेक्जेंडर भारतीय वॉकिंग टीम के हेड कोच हैं और टीम के साथ लंबे समय से जुड़े हैं। यही वजह है कि वॉकरों के बदतर प्रदर्शन के लिए फेडरेशन उनको जिम्मेदार मान रही है, लेकिन उनका यह तथ्य वॉकरों के डिसक्वालिफिकेशन के मामले को नया मोड़ दे सकता है।