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जीएस लक्ष्मी: ICC मैच रेफरी पैनल की पहली भारतीय महिला, क्रिकेट की वजह से ले पाईं उच्च शिक्षा
Sat, 21 Dec 2019 08:00 PM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंशुल तलमले
Updated Sat, 21 Dec 2019 08:00 PM IST
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जीएस लक्ष्मी
- फोटो : ट्विटर
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की पुरुष वन डे मैच की पहली महिला रेफरी का नाम जीएस लक्ष्मी है। भारत के आंध्रप्रदेश के राजमुंदरी में जन्मीं गंडिकोटा सर्व लक्ष्मी यानी जीएस लक्ष्मी के पिता झारखंड जमशेदपुर में नौकरी करते थे। जब हाईस्कूल की परीक्षा में कम नंबर आने पर लक्ष्मी को वीमन कॉलेज ने दाखिला देने से मना कर दिया तो लक्ष्मी को खेल कोटे से कॉलेज में प्रवेश मिला। आज लक्ष्मी करोड़ों महिलाओं के लिए मिसाल हैं।
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अक्टूबर 2019 को आईसीसी पुरुष टी-20 वर्ल्ड कप क्वालिफायर के लीग राउंड में हांगकांग और आयरलैंड के बीच हुए मैच में बतौर रेफरी शामिल होने वालीं लक्ष्मी का देश के लिए खेलने का सपना हालांकि अधूरा ही रह गया। वह 1999 में भारतीय टीम के इंग्लैंड दौरे के लिए चयनित भी हुई थीं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका नहीं मिला।
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एक परंपरागत दक्षिण भारतीय ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखने वाली लक्ष्मीन ने किसी इंटरव्यू में लक्ष्मी ने बताया था कि वह अपने भाइयों के साथ क्रिकेट खेल रही थी। तभी उन्हें गेंदबाजी का चस्का चढ़ा। इसी की बदौलत उन्हें कॉलेज में एडमिशन मिल गया। खेल के दम पर ही 1989 में दक्षिण मध्य रेलवे में नौकरी लगी। फिर वह हैदराबाद आ गईं। क्रिकेट बदस्तूर जारी था। शादी 1991 में जया प्रकाश से हुई। परिवार और बेटी के जन्म के कारण उन्हें तीन साल तक खेल से दूर रहना पड़ा। 1994 में दोबारा गेंद-बल्ला थामा।
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इस पूरे सफर में लक्ष्मी की मां विजया लक्ष्मी ने उनका पूरा साथ दिया और उनकी बेटी प्रनाती श्रावनी की परवरिश की। 2004 के बाद क्रिकेट को अलविदा कहने वालीं लक्ष्मी ने फिर क्रिकेट कोचिंग देनी शुरू कर दी। चार साल बाद यानी 2008 में बीसीसीआई ने घरेलू महिला क्रिकेट में महिला रेफरी को मैच में उतारना शुरू किया। 2008-09 से मैच रेफरी की भूमिका निभा रहीं 51 वर्षीय लक्ष्मी के लिए असल खुशखबरी तब आई जब वह क्रिकेट अधिकारी के रूप में चुनी गई देश की पांच महिलाओं में से एक थीं।
आंध्र महिला, बिहार महिला, रेलवे महिला, पूर्वी क्षेत्र महिला और दक्षिण महिला समेत कई टूर्नामेंट खेले हैं। वह मध्यम तेज गेंदबाज और बल्लेबाज के रूप में खेलती रही हैं। आंध्र वुमन, बिहार वुमन, ईस्ट जोन वुमन, इंडियन रेलवेज़ वुमन, साउथ जोन वुमन की ओर से खेल चुकीं लक्ष्मी के अनुसार महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती उनके प्रति पूर्वाग्रस्त होकर उन्हें कमतर आंकना है।

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