द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता एथलेटिक्स कोच सैनी का 92 वर्ष की उम्र में निधन
भारत के अनुभवी एथलेटिक्स कोच और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता जोगिंदर सिंह सैनी का 90 वर्ष की उम्र में रविवार को निधन हो गया। देश को ट्रैक एवं फिल्ड के क्षेत्र में कई स्टार खिलाड़ी देने वाले सैनी पिछले कुछ समय से बढ़ती उम्र से संबंधित परेशानियों से जूझ रहे थे।
सैनी को भारत के कुछ प्रतिष्ठित ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ियों को निखारने का श्रेय जाता है। वह 1970 से 1990 के दशक के बीच कई वर्षों तक राष्ट्रीय एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच रहें। उनके निधन पर एएफआई अध्यक्ष आदिले सुमारिवाला ने कहा, ‘‘मुझे अपने साथी, अपने मुख्य कोच और मेंटर जेएस सैनी के निधन की खबर सुनकर बेहद दुख हुआ।’’
Athletics guru Shri JS Saini ji is no more 🙏
— Athletics Federation of India (@afiindia) March 1, 2020
"Truly sad to hear of the passing of our colleague, my Chief coach & Mentor Saini ji.He loved athletics&contributed to AFI till his last https://t.co/8eQdxQinCx friend, philosopher & guide, RIP"-@Adille1 AFI President. pic.twitter.com/oEOUslqRXM
उन्होंने अपने संदेश में कहा, ‘‘उन्हें एथलेटिक्स से प्यार था और अपने अंतिम दिन तक उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स महासंघ को योगदान दिया। वह मेरे मित्र और मार्गदर्शक थे और अपनी सलाह से एएफआई अध्यक्ष की मेरी भूमिका में उन्होंने काफी मदद की।’’
पंजाब के होशियारपुर जिले में एक जनवरी 1930 को जन्में सैनी 1954 में एथलेटिक्स कोच बने। वह 1990 में तत्कालीन भारतीय एमेच्योर एथलेटिक्स महासंघ के मुख्य कोच बने। भारतीय एथलेटिक्स में योगदान के लिए सैनी को 1997 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से नवाजा गया। वह 1978 एशियाई खेलों में आठ स्वर्ण सहित 18 पदक जीतने वाली भारतीय टीम के मुख्य कोच थे।