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Doping: एआईयू की डोपिंग उल्लघंन की वैश्विक सूची, भारत दूसरे स्थान पर कायम
Mon, 02 Jun 2025 06:00 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 02 Jun 2025 06:00 PM IST
सार
एआईयू ने 31 मई को सूची जारी की है जिसमें भारत के 128 एथलीट शामिल हैं और कीनिया (134) इसमें शीर्ष पर काबिज है। इस सूची में वो खिलाड़ी भी शामिल हैं जो राष्ट्रीय स्तर के मामलों और फैसलों के कारण अयोग्य रहे।
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डोपिंग
- फोटो : twitter
विस्तार
एथलेटिक्स नैतिकता इकाई (एआईयू) ने खुलासा किया है कि डोपिंग उल्लघंन के कारण प्रतिस्पर्धा करने में अयोग्य रहे ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ियों की ताजा वैश्विक सूची में भारत दूसरे स्थान पर बरकरार है।
एआईयू ने 31 मई को सूची जारी की है जिसमें भारत के 128 एथलीट शामिल हैं और कीनिया (134) इसमें शीर्ष पर काबिज है। इस सूची में वो खिलाड़ी भी शामिल हैं जो राष्ट्रीय स्तर के मामलों और फैसलों के कारण अयोग्य रहे। कई वर्षों से भारत सबसे अधिक डोपिंग मामलों वाले देशों में शामिल रहा है और भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) के शीर्ष अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की है कि अगर यही चलन जारी रहा तो देश पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
मई में एआईयू ने 14 खिलाड़ियों को प्रतिबंधित किया था जिसमें से पांच कीनिया के और तीन भारत के थे। भारतीय ट्रैक और फील्ड खिलाड़ियों में बढ़ते डोपिंग मामलों से चिंतित होकर एएफआई ने पिछले साल डोपिंग मुद्दे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस विशेष इकाई आयुक्त सागरप्रीत हुड्डा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की थी।
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इस समिति की सिफारिश पर एएफआई ने डोपिंग में शामिल संदिग्ध कोच और ट्रेनिंग केंद्रों का पता लगाने के लिए एक डोपिंग रोधी इकाई स्थापित करने का फैसला किया था। हाल में एएफआई ने देश के सभी कोच के लिए इस सत्र से अपने पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य कर दिया था। अगर ये कोच राष्ट्रीय संस्था के अंतर्गत प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देना जारी रखना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा करना ही होगा।
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एआईयू ने 31 मई को सूची जारी की है जिसमें भारत के 128 एथलीट शामिल हैं और कीनिया (134) इसमें शीर्ष पर काबिज है। इस सूची में वो खिलाड़ी भी शामिल हैं जो राष्ट्रीय स्तर के मामलों और फैसलों के कारण अयोग्य रहे। कई वर्षों से भारत सबसे अधिक डोपिंग मामलों वाले देशों में शामिल रहा है और भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) के शीर्ष अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की है कि अगर यही चलन जारी रहा तो देश पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
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मई में एआईयू ने 14 खिलाड़ियों को प्रतिबंधित किया था जिसमें से पांच कीनिया के और तीन भारत के थे। भारतीय ट्रैक और फील्ड खिलाड़ियों में बढ़ते डोपिंग मामलों से चिंतित होकर एएफआई ने पिछले साल डोपिंग मुद्दे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस विशेष इकाई आयुक्त सागरप्रीत हुड्डा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की थी।
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इस समिति की सिफारिश पर एएफआई ने डोपिंग में शामिल संदिग्ध कोच और ट्रेनिंग केंद्रों का पता लगाने के लिए एक डोपिंग रोधी इकाई स्थापित करने का फैसला किया था। हाल में एएफआई ने देश के सभी कोच के लिए इस सत्र से अपने पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य कर दिया था। अगर ये कोच राष्ट्रीय संस्था के अंतर्गत प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देना जारी रखना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा करना ही होगा।