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जिम्नास्ट दीपा कर्माकर को मिला इतिहास रचने का मौका
हेमंत रस्तोगी/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 09 Apr 2016 03:51 PM IST
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ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचने वाली जिम्नास्ट दीपा कर्माकर को एक बड़ा इतिहास बनाने का मौका मिल गया है। यह इतिहास होगा ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली देश की पहली जिम्नास्ट बनने का।
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दीपा को 16 से 18 अप्रैल को रियो डि जेनेरियो मे होने जा रही ओलंपिक क्वालीफाइंग टेस्ट इवेंट के लिए उनके वर्ल्ड चैंपियनशिप में प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए आमंत्रित किया गया है। खास बात यह है कि उनकी वर्तमान फॉर्म को देखते हुए उनके कोचिंग स्टाफ को पूरी उम्मीद है कि दीपा इस बार इतिहास जरूर रच देंगी।
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दीपा के कोच बिस्वेशर नंदी खुलासा करते हैं कि अगर दीपा रियो में टॉप-30 जिम्नास्टों में भी जगह बनाने में सफल रहती है तो वह ओलंपिक केलिए क्वालीफाई कर जाएंगी। दीपा इस टेस्ट इवेंट के लिए बीते दो सप्ताह से दिल्ली के आईजी स्टेडियम में तैयारियों को अंजाम दे रही हैं।
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दीपा को उनकी खास इवेंट वॉल्ट में नहीं बल्कि ऑलराउंड इवेंट में ओलंपिक क्वालीफाई करने का मौका मिला है। भारतीय टीम के चीफ कोच जीएस बाबा का कहना है कि दीपा इस वक्त बड़े आराम से 51 से ऊपर का स्कोर कर रही हैं। अगर वह अपने इस प्रदर्शन को टेस्ट इवेंट में करके दिखाती हैं तो वह क्वालीफाई कर जाएंगी। बीते वर्ष नवंबर माह में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में वह वॉल्ट इवेंट में आठवें स्थान पर रही थीं। बावजूद इसके उन्हें ओलंपिक टिकट नहीं मिला था। बाबा का मानना है कि दीपा और देश को यह बड़ा मौका मिला है।
कोई जिम्नास्ट नहीं कर सका है ओलंपिक क्वालीफाई
ओलंपिक में पुरुष जिम्नास्ट देश का प्रतिनिधत्व कर चुके हैं, लेकिन अब तक देश का कोई भी जिम्नास्ट ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका है। बाबा के मुताबिक 1976 के मांट्रियाल ओलंपिक से क्वालीफाइंग सिस्टम शुरू हुआ। उससे पहले ऐसी कोई बाध्यता नहीं थी।
1964 के टोकियो ओलंपिक में देश के छह जिम्नास्ट खेले थे। बाबा कहते हैं कि यही कारण है कि दीपा का ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना कोई छोटी घटना नहीं होगी।