अकेले ट्रेनिंग करने में अजीब सा लगा, रफ्तार पकड़ने में लगेंगे दो माह : एथलीट दुती चंद
- फर्राटा धाविका दुती दो माह बाद सिंथेटिक ट्रैक पर किया अभ्यास
- 02 रजत पदक एशियाई खेलों में 100 मीटर और 200 मीटर में जीते थे
विस्तार
एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता एथलीट दुती चंद ने भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में अभ्यास शुरू कर दिया, लेकिन उन्हें खाली स्टेडियम में अकेले ट्रेनिंग करने का अहसास थोड़ा अजीब लगा। उन्होंने कहा,‘मांसपेशियां अभी थोड़ी जकड़ी हैं, मैं उन्हें ढीला कर रही हूं। कम से कम दो महीने लगेंगे, पूरी रफ्तार में आने में।
मेरे कोच एन रमेश ट्रेनिंग के दौरान वीडियो कॉल पर रहते हैं। वह मुझे बताते रहते हैं कि क्या करना है, क्या नहीं और मैं उनके आदेश का पालन करती हूं।’ उनका लक्ष्य इस सत्र तक फिटनेस और फॉर्म बरकरार रखना है और साथ ही विदेश में ट्रेनिंग व टूर्नामेंट खेलने की भी योजना है ताकि वह टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर सकें।
ओडिशा सरकार ने कोविड-19 लॉकडाउन के चौथे चरण में दिशा-निर्देशों में ढील देकर ट्रेनिंग की अनुमति दी। चौबीस वर्षीय दुती ने दो महीने बाद पहली बार सिंथेटिक ट्रैक पर अभ्यास किया।
वह 20 मार्च से शुरू होने वाली सत्र की पहली इंडियन ग्रां प्रि में भाग लेने के लिए पटियाला में थीं, लेकिन कोरोना के चलते इसे रद्द कर दिया गया। तब से वह कलिंग प्राद्योगिकी संस्थान के अपने कमरे तक सीमित रहीं। हालांकि उन्हें वहां जिम इस्तेमाल करने की अनुमति थी।
अकेले ट्रेनिंग करने में अजीब सा लगा
दुती ने कहा,‘दो माह बाद मैं आउटडोर ट्रेनिंग कर रही थी और ट्रैक पर दौड़ते हुए हवा को महसूस करना बहुत अच्छा अहसास था। ट्रैक एथलीट के लिए इससे बेहतर अहसास कुछ नहीं हो सकता।
साथ ही मैं एक अजीब सी चीज भी महसूस कर रही हूं। सामान्य रूप से कलिंग स्टेडियम परिसर के अंदर हॉस्टल में काफी प्रशिक्षु होते हैं लेकिन इस महामारी के चलते वे सभी अपने घर जा चुके हैं। इसलिए इतने बड़े स्टेडियम में सिर्फ मैं ही ट्रेनिंग कर रही हूं। यह थोड़ा अजीब है, भयानक शांति है।’
राज्य के एक अन्य एथलीट एमिया कुमार मलिक भी स्टेडियम में ट्रेनिंग करते हैं लेकिन वह दुती के ट्रेनिंग करने के बाद ही ऐसा करते हैं ताकि दो एथलीट एक साथ अभ्यास नहीं करें। दुती ने कहा, ‘मैं सुबह छह बजे ट्रेनिंग शुरू करती हूं और आठ बजे तक खत्म करती हूं। वह (एमिया) आठ से थोड़ा पहले आते हैं। इसलिए हम एक साथ ट्रेनिंग नहीं करते। शाम में मैं सात बजे से एक घंटे का अभ्यास करती हूं।’