मैरीकॉम ने विश्व चैंपियनशिप में जीता था पदक, अब फेडरेशन नहीं चाहता है ट्रायल
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) विश्व चैंपियनशिप में रिकॉर्ड आठवां पदक जीतकर आईं एमसी मैरीकॉम और लवलीना का ओलंपिक क्वालिफायर के लिए ट्रायल कराने के पक्ष में नहीं है। फेडरेशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने 'अमर उजाला' से साफ किया कि उनकी राय में इन दोनों का ट्रायल नहीं होना चाहिए। अगर विश्व चैंपियनशिप में ओलंपिक क्वालिफायर होता तो इन दोनों को टोक्यो ओलंपिक का टिकट मिल चुका होता। दोनों अपने भार वर्गों में देश की नंबर एक बॉक्सर हैं। ओलंपिक क्वालिफायर जैसे टूर्नामेंट में देश के नंबर एक बॉक्सर पर ही दांव लगाना ठीक रहेगा। फिर भी वह इस मुद्दे को चयन समिति के सामने रखेंगे और उनकी राय भी मांगेगे।
विश्व चैंपियनशिप से पहले मैरीकॉम के भार वर्ग में ट्रायल नहीं कराने पर निखित जरीन ने मुद्दा उठाया था जिस पर विवाद भी हुआ था। विवाद के बाद ही चयन समिति ने फैसला लिया था कि विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण और रजत जीतने वालों को ओलंपिक क्वालिफायर में सीधे प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि मैरी ओर लवलीना को सेमीफाइनल में हारकर कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा है।
मैरी ने कहा फेडरेशन पर है विश्वास
विश्व चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में मिली हार पर मैरीकॉम ने अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघ (आईबा) को ही निशाने पर ले लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें जबरन हराया गया। ऐसे ही परिणामों के चलते आईबा की यह दुर्दशा हुई है। ट्रायल के मुद्दे पर मैरी ने कहा कि उन्हें फेडरेशन पर पूरा विश्वास है। उन्होंने पहले भी कभी फेडरेशन से ट्रायल नहीं कराने के लिए कहा और इस बार भी उन्होंने ऐसी कोई प्रार्थना नहीं की है।