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जूते बेचकर गोल्फर अर्जुन ने दिए तीन लाख 30 हजार, पीएम मोदी बोले- आपकी भावनाएं देश के लिए अनमोल

Wed, 22 Apr 2020 12:39 AM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: अंशुल तलमले Updated Wed, 22 Apr 2020 12:39 AM IST
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15-year-old golfer Arjun Bhati sells his torn shoes for Rs 3.3 lakh, donates money for Covid-19 relief works
अर्जुन भाटी - फोटो : सोशल मीडिया

कोविड-19 महामारी के खिलाफ खेल जगत की कई दिग्गज हस्तियों ने आगे आकर आर्थिक मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। इसी कड़ी में युवा गोल्फर अर्जुन भाटी का नाम मजबूती से जुड़ चुका है। अर्जुन ने जिन फटे जूतों के साथ अमेरिका में जूनियर गोल्फ विश्व चैंपियनशिप 2018 जीती थी, उसे अपने अंकल को 3 लाख 30 हजार रुपये में बेचकर प्रधानमंत्री राहत कोष में मदद की। वैसे यह पहला मौका नहीं है जब 15 वर्षीय इस खिलाड़ी ने आर्थिक सहयोग किया हो, इससे पहले ग्रेटर नोएडा के रहने वाले इस युवा गोल्फर ने अपनी 102 ट्रॉफियां बेचकर 4 लाख 30 हजार रुपये दान दिए थे।

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अर्जुन के इस प्रयास को खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहा। दरअसल, अर्जुन ने ट्वीट किया कि मैंने जिन फटे हुए जूतों के साथ अमेरिका में जूनियर गोल्फ विश्व चैंपियनशिप 2018 जीती थी, वह जूते अंकल वनीश प्रधान ने में ले लिए हैं। मैंने यह राशि प्रधानमंत्री राहत कोष में दान कर दी है। हम रहें या ना रहें, मेरा देश रहना चाहिए, कोरोना से सभी को बचाना है। इसके बाद भाटी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए पीएम मोदी ने भी लिखा कि, 'आपकी भावनाएं देश के लिए अनमोल हैं। इस मुश्किल घड़ी में आपका यह सेवा भाव देशभर के लोगों को प्रेरित करने वाला है।'

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चोटिल अंगूठे की वजह से काटना पड़ा था जूता

15-year-old golfer Arjun Bhati sells his torn shoes for Rs 3.3 lakh, donates money for Covid-19 relief works
अर्जुन भाटी - फोटो : ट्विटर

अर्जुन की माने तो अमेरिका में हुए फाइनल से ठीक पहले उनके बाएं पैर के अंगूठे में चोट लग गई थी। आनन-फानन में रात में ही इलाज किया गया और अंगूठे पर पट्टी बांध दी गई। जूते पहनकर खेलने में परेशानी हो रही थी, इस वजह से जूते में अंगूठे के पास का थोड़ा हिस्सा काटा गया। यह जूता इसलिए ऐतिहासिक और अर्जुन के दिल के करीब था क्योंकि चोटिल होने के बावजूद उन्होंने यह प्रतियोगिता जीती थी। अपनी ट्रॉफी के साथ उन्होंने विशेष रूप से जूता भी संभालकर रखा था। अर्जुन को गर्व है कि उनकी इस खास चीज को उन्होंने देश की मदद के लिए खुद से दूर किया।

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