{"_id":"a94de3cb19ee1dc1abac943e92df2629","slug":"jwala-gatta-life-time-ban","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्वाला गट्टा पर लग सकता है आजीवन प्रतिबंध","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल ","slug":"sports"}}
ज्वाला गट्टा पर लग सकता है आजीवन प्रतिबंध
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Sun, 06 Oct 2013 01:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय बैडमिंटन एसोसिएशन (बीएआई) की अनुशासनात्मक कमेटी ने एक चौंकाने वाला फैसला करते हुए इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) के दौरान विवादों में फंसी महिला खिलाड़ी ज्वाला गट्टा पर आजीवन प्रतिबंध की सिफारिश की है।
विज्ञापन
आईबीएल लीग के दौरान कृष दिल्ली स्मैशर्स फ्रेंचाइजी की कप्तान ज्वाला गट्टा ने कुछ खिलाड़ियों को बंगा बीट्स के खिलाफ मैच खेलने से रोकने की कोशिश की थी।
विज्ञापन
बीएआई के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘अनुशासनात्मक कमेटी ने आईबीएल विवाद में शामिल ज्वाला गट्टा पर आजीवन प्रतिबंध या फिर कुछ समय के लिए उन्हें निलंबित करने की सिफारिश की है।
विज्ञापन
यह सिफारिश एसोसिएशन के सदस्यों को दे दी गई हैं लेकिन अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।’ वही बीएआई अनुशासनात्मक कमेटी के चेयरमैन एस मुरलीधरन ने कहा, ‘मैं इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता।
यह बीएआई अध्यक्ष अखिलेश दास गुप्ता का विवेकाधिकार है कि वह बिना शर्त माफी दे दें। ज्वाला बिना शर्त फ्री हो सकती हैं। लेकिन उसने जो किया है उसका उसे एहसास होना चाहिए।’
आखिर क्या था विवाद
यह विवाद 25 अगस्त को कृष दिल्ली स्मैशर्स और बंगा बीट्स के बीच मैच में हुआ। बंगा बीट्स ने आखिरी मिनटों में हांगकांग के चोटिल पुरुष एकल खिलाड़ी हू येन के स्थान पर स्थानापन्न खिलाड़ी डेनमार्क के जेन जोर्गनसन को उतारा।
इस कारण दिल्ली ने बंगा बीट्स के साथ खेलने से इंकार कर दिया। बंगा बीट्स ने जोर्गनसन के स्थान पर टीम में पहले से ही शामिल अरविंद भट्ट को उतारा और मामला सुलझाया।
इस पूरे प्रकरण में दिल्ली टीम की कप्तान ज्वाला गट्टा शामिल थी। यह मैच आधे घंटे तक रुका रहा। बीएआई ने ज्वाला को नोटिस जारी किया।
बीएआई के एक अधिकारी ने कहा कि ज्वाला ने नोटिस का जवाब देते हुए कहा था, ‘यह मेरा व्यक्तिगत कदम नहीं था बल्कि दिल्ली फ्रेंचाइजी का फैसला था।
टीम मालिकों ने मुझसे यह सब करने को कहा था और मेरी तरफ से इसमें कुछ गलत नहीं था। लेकिन बीएआई उनके जवाब से संतुष्ट नहीं थी।’ एजेंसी