सरदार की कमी कितनी खली, यह तो वक्त ही बताएगा: जफर इकबाल
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देश के पूर्व कप्तान जाने माने सेंटर हाफ सरदार सिंह ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कहने के फैसले के लिए हॉकी इंडिया के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर डेविड जॉन और पुरुष हॉकी टीम के पूर्व चीफ शुएर्ड मराइन के व्यवहार से आहत होने को ठहराया था।
डेविड जॉन से इस मामले पर 'अमर उजाला' ने जानने की कोशिश की तो बृहस्पतिवार को साफ किया, 'सरदार सिंह के इन आरोपों की बाबत मैंने भी अखबारों में पढ़ा। मैं यह साफ कर देना चाहूंगा कि सरदार सिंह को एशियाई खेलों के बाद कोर ग्रुप से बाहर रखने का फैसला मेरा अकेले का नहीं था। इस फैसले में बाकी सभी चयनकर्ता भी शामिल थे। ऐसे में उनका मुझे दोषी ठहराना उनकी निजी राय है। इस बारे में मैं बहुत ज्यादा कुछ नहीं करना चाहूंगा। मैं एक बात फिर साफ कर देना चाहता हूं कि हमें किसी भी अनुभवी खिलाड़ी की कमी इस विश्व कप में नहीं खलेगी।'
'हमारे पास इस वक्त जो कोर ग्रुप के 24 खिलाड़ी हैं सभी लगभग एक सी क्षमता वाले हैं। आज यदि किसी भी कारण से किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर होना पड़े तो हमारे पास ठीक उसी की क्षमता वाला दूसरा खिलाड़ी उपलब्ध है। जरूरत पडने पर हमारे पास हर खिलाड़ी का पूरा विकल्प है। हमने अपनी टीम इसी तरह तैयार की है कि हम किसी भी स्थिति के तैयार रहे।'
उन्होंने कहा, 'भारतीय हॉकी टीम विश्व कप के लिए पूरी तरह तैयार है। जहां तक विवेक सागर प्रसाद के विश्व कप के लिए भारतीय टीम में जगह न पाने की बात तो वह यूथ ओलंपिक के से बढिय़ा खेल के प्रदर्शन के स्तर को बरकरार रख नहीं पाए। उनका प्रदर्शन कुछ नीचे आया और इसीलिए वह विश्व कप के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं पाए। वह बढिय़ा यंग खिलाड़ी हैं। दरअसल विवेक सागर खुद ही यूथ ओलंपिक में भारत को हॉकी का स्वर्ण पदक जिताना चाहते थे। यूथ ओलंपिक में भारत को रजत पदक पर ही संतोष करना पड़ा।'
जॉन ने कहा, 'जहां तक भारतीय हॉकी टीम की ओडिशा हॉकी विश्व कप में संभावनाओं की बात है तो टीम इसके लिए पूरी तरह तैयार है। हमारी टीम ने अब दुनिया की किसी भी टीम को टक्कर देने का दम रखती है। हमें ब्रेडा में चैंपियंस ट्रॉफी में मेजबान ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हरा कर फाइनल जीतना था लेकिन बेहद करीब मुकाबले में हम उससे हार गए। हम यह खिताब जीतते तो हमारे लिए बेहतर होता।'
'जहां तक विश्व कप में हमारे पूल में दुनिया की तीसरे नंबर की टीम बेल्जियम के खिलाफ मैच है तो हमारी टीम इसके लिए पूरी तरह तैयार है। बेल्जियम का प्रदर्शन पिछले दो महीने में खासा गिरा है। इसका एक बड़ा कारण जो मुझे समझ में आता है वह यह है कि उसके एक से ही खिलाड़ी बराबर खेल रहे हैं और इसीलिए उनसे हर टूर्नामेंट में अच्छे प्रदर्शन की आस बेमानी है।
भारत के पूर्व कप्तान जफर इकबाल ने 'अमर उजाला' से कहा, 'जहां तक सरदार की इस विश्व कप में कमी अखरने की बात है तो यह तो वक्त ही बताएगा। सरदार से बेहतर व्यववहार और संवाद करने की जरूरत थी। यह तो विश्व कप में ही मालूम पड़ेगा कि सरदार की कमी भारत को कितना अखरी। भारत की ओडिशा हॉकी विश्व कप में शिरकत करने वाली टीम दमदार दिखाई देती है। हमारे लड़कों को मैदान पर उतर कर चैंपियन की तरह खेलना चाहिए।
उन्हें अपने घर में अपने ही प्रशंसकों के सामने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहिए। एक बात साफ कर देना चाहता हूं आज के हमारे लड़के आज की हॉकी के मिजाज से हमले पर जाते हैं और टीम पर हमले के वक्त बचाव के लिए पीछे आते है तो अच्छा लगता है। यह अहम रहेगा कि बाकी टीमों की 'तलवार की धार' कितनी तेज है।