{"_id":"9bc3602c-b1b0-11e2-851b-d4ae52bc57c2","slug":"corporate-familes-now-interested-in-football","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्रिकेट के बाद अब फुटबॉल से जुड़ेंगे कॉरपोरेट घराने","category":{"title":"Football","title_hn":"फुटबॉल","slug":"football"}}
क्रिकेट के बाद अब फुटबॉल से जुड़ेंगे कॉरपोरेट घराने
नई दिल्ली/हेमंत रस्तोगी
Updated Tue, 30 Apr 2013 09:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्रिकेट के बाद अब नामी औद्योगिक घरानों ने फुटबॉल के साथ जुड़ने की तैयारी कर ली है। आल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) की कॉरपोरेट घरानों को आई-लीग से जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना में दिल्ली डेयरडेविल्स का मालिकाना हक रखने वाले जीएमआर ग्रुप, जिंदल ग्रुप, डोडसाल जैसे ग्रुपों ने रुचि दिखाई है। फेडरेशन ने फैसला किया है कि अगले सत्र से इन कॉरपोरेट घरानों की दो से तीन टीमें आई लीग में उतरेंगी। इसके लिए लीग में टीम की संख्या 14 से 16 करने का भी निर्णय लिया जा चुका है।
विज्ञापन
सूत्रों की मानें तो फेडरेशन की ओर से हाल ही में निकाले गए टेंडर में छह कॉरपोरेट घरानों ने अब तक रुचि दिखाई है। हालांकि अभी आवेदन की अंतिम तिथि में समय है जिसके चलते फेडरेशन अधिकारियों को उम्मीद है कि कुछ अन्य घराने भी रुचि दिखा सकते हैं।
विज्ञापन
अभी तक आवेदन करने वालों में एक लीजिंग कंपनी, स्पोर्ट्स सिटी बनाने वाला एक ग्रुप और केरल का ईगल्स क्लब शामिल है। फेडरेशन की इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए दो दौर की बात भी हो चुकी है। कॉरपोरेट घरानों के साथ अंतिम बैठक इसी माह दुबई में हुई है।
विज्ञापन
घरानों को आश्वासन दिया गया है कि उनकी टीमों को तीन सालों तक ‘ए’ डिवीजन से रेलीगेट नहीं होना पड़ेगा। इसके बदले उन्हें अकादमियों, यूथ डेवलपमेंट पर कुछ राशि खर्च करनी होगी। साथ ही तीन करोड़ रुपये साल के देने होंगे। हालांकि इस शर्त को घराने कितना मानेंगे यह बाद में ही साफ होगा।
फेडरेशन का कहना है कि लीग में इन घरानों की जो भी टीमें उतरेंगी वह उन शहरों के नाम पर होंगी, जिनकी टीमों का फुटबॉल में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। हालांकि ईस्ट बंगाल, मोहन बागान, डेंपो, चर्चिल जैसे क्लबों ने घरानों की टीमों को रेलीगेट नहीं करने का अपना विरोध फेडरेशन के समक्ष दर्ज करा दिया है। लेकिन फेडरेशन अब तक अपनी बात अड़ी है।