Euro 2020: नहीं कर पाए गोल तो इन तीन खिलाड़ियों पर हुई नस्लीय टिप्पणी, पीएम जॉनसन ने की कड़ी निंदा
प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि इस तरह के घटिया दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार लोगों को खुद पर शर्म आनी चाहिए
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विस्तार
ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने सोमवार को इंग्लैंड के तीन अश्वेत खिलाड़ियों के प्रति नस्ली टिप्पणी की निंदा की। दरअसल, ये खिलाड़ी यूरोपीय फुटबॉल चैंपियनशिप के फाइनल में पेनल्टी शूट आउट में इटली के खिलाफ गोल करने से चूक गए थे। जॉनसन ने ट्वीट किया कि 'ये खिलाड़ी नायक की तरह तारीफ के हकदार हैं, न कि सोशल मीडिया पर नस्लीय दुर्व्यवहार के।’ उन्होंने कहा, 'इस तरह के घटिया दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार लोगों को खुद पर शर्म आनी चाहिए।' बता दें कि रविवार रात हुए फाइनल में मार्कस रशफोर्ड की पेनल्टी गोल पोस्ट से टकरा गई थी जबकि बुकायो साका और जेडन सांचो की पेनल्टी को को इटली के गोलकीपर ने रोक दिया। नियमित और अतिरिक्त समय में मुकाबला 1-1 से बराबर रहने के बाद इटली ने पेनल्टी शूट आउट में 3-2 से जीत दर्ज की।
This England team deserve to be lauded as heroes, not racially abused on social media.
— Boris Johnson (@BorisJohnson) July 12, 2021
Those responsible for this appalling abuse should be ashamed of themselves.
19 साल के साका निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलने में नाकाम रहे जिससे इटली ने खिताब जीता और इंग्लैंड की टीम 1966 विश्व कप के बाद अपना पहला पड़ा खिताब जीतने में नाकाम रही। इन तीनों खिलाड़ियों को तुरंत की सोशल मीडिया पर नस्ली दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड के फुटबॉल संघ ने बयान जारी करके कहा कि वे इस 'घटिया बर्ताव' से स्तब्ध हैं। लंदन पुलिस ने 'अस्वीकार्य' दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि वे 'आक्रामक और नस्ली' सोशल मीडिया पोस्ट की जांच करेंगे।
लंदन के मेयर सादिक खान ने सोशल मीडिया कंपनियों से अपील की कि वे जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने के लिए अधिक कदम उठाएं। उन्होंने ट्वीट किया, 'फुटबॉल या कहीं और नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं है। घटिया ऑनलाइन दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए और सोशल मीडिया कंपनियों को इस नफरत से बचने और हटाने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।'
क्रिकेटर केविन पीटरसन ने भी की निंदा
इंग्लैंड के पूर्व स्टार क्रिकेटर केविन पीटरसन ने अश्वेत फुटबॉलरों के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार की निंदा की और सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में क्या उनके देश को 2030 फीफा विश्व कप की मेजबानी का अधिकार मिलना चाहिए। पीटरसन से ट्वीट किया, 'कल (रविवार) रात मैं डायलन के साथ अपनी कार से घर आ रहा था तो स्थिति पूरी तरह से भयानक थी। 2021 में ऐसा व्यवहार ?? हमें इतनी खुशी देने वाले खिलाडियों के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल ??' उन्होंने कहा, 'क्या हम वास्तव में 2030 विश्व कप (मेजबानी) के लायक हैं?'
The walk I took with Dylan to get our car home last night was scary absolutely HORRENDOUS!
— Kevin Pietersen🦏 (@KP24) July 12, 2021
This behaviour in 2021?? 🤬
The abuse of the players who gave us so much joy?? 🤬
Do we actually deserve the 2030 World Cup? 🤔
पीटरसन ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, 'ब्रिटेन में मीडिया शायद दुनिया में सबसे शक्तिशाली है। यह उनकी जिम्मेदारी होनी चाहिए कि सोशल मीडिया कंपनियों को हर उस व्यक्ति का सत्यापन करने के लिए मजबूर किया जाए जिसका उस पर खाता (जो सोशल मीडिया पर मौजूद) है।' उन्होंने कहा, 'कोई रोबोट या कोई नकली खाता नहीं होना चाहिए। सभी के लिए जवाबदेही होनी चाहिए। यह समाज को नष्ट कर रहा है।'
The media in UK is probably the most powerful in the world. It should be a responsibility of theirs, to enforce the social media giants into verifying EVERY SINGLE PERSON that has an account.
— Kevin Pietersen🦏 (@KP24) July 12, 2021
No robots & no fake accounts!
ACCOUNTABILITY for all!
It’s destroying society!
ट्विटर ने की बड़ी कार्रवाई, हटाए 1000 से अधिक ट्वीट
इंग्लैंड के फुटबॉल खिलाड़ियों पर नस्लीय दुर्व्यवहार के बाद ट्विटर ने बड़ी कार्रवाई की है। ट्विटर ने 1000 से अधिक ट्वीट को हटा दिए हैं। इसके साथ ही कई अकाउंट्स को स्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इस बात की जानकारी ट्विटर के प्रवक्ता ने सोमवार को दी।
पुलिस ने शुरू की जांच
ब्रिटेन की पुलिस ने इटली के खिलाफ यूरोपीय फुटबॉल चैंपियनशिप के फाइनल में इंग्लैंड की हार के दौरान पेनल्टी पर गोल करने से चूकने वाले तीन अश्वेत खिलाड़ियों (मार्कस रशफोर्ड, बुकायो साका और जेडन सांचो) के प्रति नस्लीय दुर्व्यवहार की जांच शुरू कर दी है। एफए ने कहा, 'हम प्रभावित खिलाड़ियों के समर्थन के लिए वह सब कुछ करेंगे जो कर सकते हैं। साथ ही इसके लिए जिम्मेदार लोगों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की अपील करते हैं।' संघ ने कहा, 'खेल से भेदभाव को बाहर करने के लिए हम हर संभव प्रयास जारी रखेंगे लेकिन हम सरकार से विनती करते हैं कि वे जल्द से जल्द कार्रवाई करे और इस दुर्व्यवहार के खिलाफ उचित कानून बनाएं।' जिन तीन खिलाड़ियों को लक्ष्य बनाया गया वे इंग्लैंड की युवा टीम का हिस्सा हैं जिसकी उसकी विविधता के लिए सराहना होती है। रविवार के मैच के बाद दक्षिण मैनचेस्टर के एक कैफे की दीवार पर बनी रशफोर्ड की तस्वीर को भी बिगाड़ा गया। ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने कहा कि वे नस्ली रूप से प्रभावित नुकसान की जांच कर रहे हैं जो घटना सुबह दो बजकर 50 मिनट पर हुई। मैनचेस्टर पुलिस के मुख्य निरीक्षक पॉल सेविल से कहा, 'यह अपमानजनक बर्ताव है और इसे बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'