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एआईएफएफ का नाम बदलने की तैयारी: फुटबॉल फेडरेशन ऑफ भारत करने का प्रस्ताव; फीफा और सरकार की मंजूरी अनिवार्य
Sat, 20 Jun 2026 06:11 PM IST
शिवम गर्ग
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Sat, 20 Jun 2026 06:11 PM IST
सार
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने अपना नाम बदलकर फुटबॉल फेडरेशन ऑफ भारत (FFB) करने का प्रस्ताव पारित किया है। अब इस बदलाव के लिए खेल मंत्रालय और फीफा की मंजूरी ली जाएगी।
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कल्याण चौबे (एआईएफएफ के अध्यक्ष)
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने शनिवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपना नाम बदलकर 'फुटबॉल फेडरेशन ऑफ भारत' (FFB) करने के लिए खेल मंत्रालय से संपर्क करने का फैसला किया है। नई दिल्ली में आयोजित विशेष आमसभा की बैठक के दौरान इस संबंध में एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।
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खेल मंत्रालय और फीफा की मंजूरी के बाद ही होगा बदलाव
एआईएफएफ के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने पीटीआई को बताया कि नाम में यह बदलाव खेल मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद ही लागू होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय महासंघ इसके लिए विश्व फुटबॉल की शासी निकाय 'फीफा' (FIFA) से भी मंजूरी लेगा।
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एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे ने कहा कि नाम बदलने का यह प्रस्ताव खेल मंत्रालय को भेजा जाएगा। यह एक पूरी प्रक्रिया है और इसकी शुरुआत आज से हो चुकी है। अगर मंत्रालय इसे मंजूरी नहीं देता है या उनकी कोई और राय होती है, तो फिर इसका सवाल ही नहीं उठता। लेकिन अगर मंत्रालय इसे मंजूरी दे देता है, तो हम इसे जनरल बॉडी के सामने लाएंगे और फिर फीफा को भेजेंगे, जो इस प्रक्रिया का दूसरा हिस्सा है। हमें फीफा और मंत्रालय सहित कई मंजूरियों की जरूरत है, लेकिन आपको कहीं न कहीं से तो शुरुआत करनी ही होती है। इसलिए यह एक शुरुआत है।" उन्होंने अपने इस कदम के लिए तुर्किये और चेकिया (चेक गणराज्य) जैसे देशों के फुटबॉल संघों का उदाहरण भी दिया, जिन्होंने अपने नाम बदले हैं।
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स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट को पहले ही मिल चुकी है मंजूरी
इससे पहले 23 मई को हुई एक एसजीएम बैठक में एआईएफएफ ने राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम (NSGA), 2025 को अपनाने को मंजूरी दी थी। अब एआईएफएफ के संविधान को भी एनएसजीए 2025 के अनुरूप ढाला जाएगा। इसी महीने की शुरुआत में, खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ हुई बैठक के बाद एआईएफएफ आईएसएल को दो साल तक क्लबों के नेतृत्व वाले मॉडल पर चलाने के लिए "सैद्धांतिक रूप से" सहमत हुआ था।
4 सितंबर से शुरू होगा आईएसएल का नया सीजन
महासंघ की जनरल बॉडी ने 4 सितंबर से इंडियन सुपर लीग (ISL) 2026-27 सीजन को शुरू करने को भी अपनी मंजूरी दे दी है। बैठक में एआईएफएफ के वार्षिक कैलेंडर को भी पारित किया गया, जबकि आईएसएल के विस्तृत शेड्यूल का फैसला प्रबंध समिति (मैनेजिंग कमेटी) द्वारा किया जाएगा। माना जा रहा है कि 2026-27 का आईएसएल सीजन पूरे सात महीने का होगा, जिसमें भाग लेने वाली सभी 14 टीमें होम और अवे (अपने और विरोधी के मैदान पर) मैच खेलेंगी।
आईएसएल के ढांचे पर फैसला अभी टला
इस बीच, एआईएफएफ ने एक बार फिर आईएसएल के ढांचे को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। महासंघ ने इस मामले को प्रबंध समिति पर छोड़ दिया है। इस समिति में 14 क्लबों के पांच प्रतिनिधि, राष्ट्रीय महासंघ के तीन अधिकारी और कमर्शियल पार्टनर्स के तीन सदस्य शामिल हैं। चौबे ने इस पर कहा "यह प्रस्ताव क्लबों की तरफ से आया है और इस पर आमने-सामने बैठकर चर्चा होनी बाकी है। क्लबों को इस बातचीत का हिस्सा बनना होगा, इसलिए एआईएफएफ क्लबों के साथ चर्चा करेगा। मैनेजिंग कमेटी को इसे आगे बढ़ाने का अधिकार होगा और इसके बाद यह रद्दीकरण (रैटिफिकेशन) के लिए कार्यकारी समिति के पास जाएगा।"
इससे पहले 23 मई को हुई एक एसजीएम बैठक में एआईएफएफ ने राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम (NSGA), 2025 को अपनाने को मंजूरी दी थी। अब एआईएफएफ के संविधान को भी एनएसजीए 2025 के अनुरूप ढाला जाएगा। इसी महीने की शुरुआत में, खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ हुई बैठक के बाद एआईएफएफ आईएसएल को दो साल तक क्लबों के नेतृत्व वाले मॉडल पर चलाने के लिए "सैद्धांतिक रूप से" सहमत हुआ था।
4 सितंबर से शुरू होगा आईएसएल का नया सीजन
महासंघ की जनरल बॉडी ने 4 सितंबर से इंडियन सुपर लीग (ISL) 2026-27 सीजन को शुरू करने को भी अपनी मंजूरी दे दी है। बैठक में एआईएफएफ के वार्षिक कैलेंडर को भी पारित किया गया, जबकि आईएसएल के विस्तृत शेड्यूल का फैसला प्रबंध समिति (मैनेजिंग कमेटी) द्वारा किया जाएगा। माना जा रहा है कि 2026-27 का आईएसएल सीजन पूरे सात महीने का होगा, जिसमें भाग लेने वाली सभी 14 टीमें होम और अवे (अपने और विरोधी के मैदान पर) मैच खेलेंगी।
आईएसएल के ढांचे पर फैसला अभी टला
इस बीच, एआईएफएफ ने एक बार फिर आईएसएल के ढांचे को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। महासंघ ने इस मामले को प्रबंध समिति पर छोड़ दिया है। इस समिति में 14 क्लबों के पांच प्रतिनिधि, राष्ट्रीय महासंघ के तीन अधिकारी और कमर्शियल पार्टनर्स के तीन सदस्य शामिल हैं। चौबे ने इस पर कहा "यह प्रस्ताव क्लबों की तरफ से आया है और इस पर आमने-सामने बैठकर चर्चा होनी बाकी है। क्लबों को इस बातचीत का हिस्सा बनना होगा, इसलिए एआईएफएफ क्लबों के साथ चर्चा करेगा। मैनेजिंग कमेटी को इसे आगे बढ़ाने का अधिकार होगा और इसके बाद यह रद्दीकरण (रैटिफिकेशन) के लिए कार्यकारी समिति के पास जाएगा।"