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Chess: डी गुकेश की शानदार वापसी, विश्व शतरंज चैंपियनशिप के तीसरे दौर में गत चैंपियन डिंग लिरेन को हराया
Wed, 27 Nov 2024 06:59 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Wed, 27 Nov 2024 06:59 PM IST
सार
भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने शानदार वापसी करते हुए बुधवार को गत चैंपियन डिंग लिरेन को तीसरे दौर में हरा दिया।
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लिरेन और डी गुकेश
- फोटो : Chess.com
विस्तार
भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने विश्व शतरंज चैंपियनशिप में गत चैंपियन चीन के डिंग लिरेन को ‘टाइम कंट्रोल’ में मात देकर बुधवार को तीसरे दौर में पहली जीत दर्ज करके अंक बराबर कर लिए। काले मोहरों से खेलते हुए पहला मुकाबला हारने के बाद दूसरा मुकाबला गुकेश ने ड्रॉ खेला था। दोनों खिलाड़ियों के अब 1.5-1.5 अंक हैं। भारत के 18 वर्ष के गुकेश ने 37 चालों में जीत दर्ज की। लिरेन को मुकाबले के पहले चरण में काफी समय बर्बाद करने का खामियाजा भुगतना पड़ा।
सफेद मोहरों से गुकेश ने खेला तीसरा दौर
गुकेश ने तीसरा दौर सफेद मोहरों से खेला। 13वीं चाल तक गुकेश के पास एक घंटे की बढ़त थी और उन्होंने सिर्फ चार मिनट खर्च किए थे। लिरेन ने दूसरी तरफ एक घंटा और छह मिनट लगा दिए थे। खेल के पहले 120 मिनट में से 40 चालों तक समय में कोई इजाफा नहीं किया जाता। बीच में मुकाबला जटिल होने से लिरेन पर असर पड़ा और गुकेश ने परफेक्ट चालों से उन पर दबाव बढ़ा दिया।
गुकेश ने क्रामनिक की रणनीति अपनाई
गुकेश ने वही रणनीति अपनाई जो पूर्व विश्व चैंपियन रूस के ब्लादीमिर क्रामनिक ने एक रैपिड मुकाबले में भारत के अर्जुन एरिगेसी के खिलाफ अपनाई थी। एरिगेसी ने हार से बाल-बाल बचते हुए वह मुकाबला ड्रॉ कराया था जबकि गुकेश ने लिरेन की सहज गलतियों का फायदा उठाकर जीत दर्ज की। लिरेन के पास आखिरी नौ चाल के लिए सिर्फ दो मिनट और आखिरी छह चाल के लिए सिर्फ दस सेकंड बचे थे। आखिर में उनके पास समय ही बाकी नहीं रह गया। गुकेश की नजरें विश्वनाथन आनंद के बाद विश्व चैंपियनशिप जीतने वाला पहला भारतीय खिलाड़ी बनने पर है। आनंद ने पांच बार विश्व चैंपियनशिप जीती और वह गुकेश के मार्गदर्शक रहे हैं। मुकाबले में बृहस्पतिवार विश्राम का दिन है।
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सफेद मोहरों से गुकेश ने खेला तीसरा दौर
गुकेश ने तीसरा दौर सफेद मोहरों से खेला। 13वीं चाल तक गुकेश के पास एक घंटे की बढ़त थी और उन्होंने सिर्फ चार मिनट खर्च किए थे। लिरेन ने दूसरी तरफ एक घंटा और छह मिनट लगा दिए थे। खेल के पहले 120 मिनट में से 40 चालों तक समय में कोई इजाफा नहीं किया जाता। बीच में मुकाबला जटिल होने से लिरेन पर असर पड़ा और गुकेश ने परफेक्ट चालों से उन पर दबाव बढ़ा दिया।
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गुकेश ने क्रामनिक की रणनीति अपनाई
गुकेश ने वही रणनीति अपनाई जो पूर्व विश्व चैंपियन रूस के ब्लादीमिर क्रामनिक ने एक रैपिड मुकाबले में भारत के अर्जुन एरिगेसी के खिलाफ अपनाई थी। एरिगेसी ने हार से बाल-बाल बचते हुए वह मुकाबला ड्रॉ कराया था जबकि गुकेश ने लिरेन की सहज गलतियों का फायदा उठाकर जीत दर्ज की। लिरेन के पास आखिरी नौ चाल के लिए सिर्फ दो मिनट और आखिरी छह चाल के लिए सिर्फ दस सेकंड बचे थे। आखिर में उनके पास समय ही बाकी नहीं रह गया। गुकेश की नजरें विश्वनाथन आनंद के बाद विश्व चैंपियनशिप जीतने वाला पहला भारतीय खिलाड़ी बनने पर है। आनंद ने पांच बार विश्व चैंपियनशिप जीती और वह गुकेश के मार्गदर्शक रहे हैं। मुकाबले में बृहस्पतिवार विश्राम का दिन है।
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