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एशियन पैरा गेम्स 2026: सिमरन ने गोल्ड जीतकर बनाया गेम्स रिकॉर्ड, तेजलबेन का डेब्यू में कांस्य पदक
Tue, 20 Oct 2026 05:10 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Tue, 20 Oct 2026 05:10 PM IST
सार
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय एथलीट सिमरन ने महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में 24.80 सेकेंड का समय निकालकर गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं, प्रतियोगिता में पदार्पण कर रही तेजलबेन डामोर ने 25.23 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। ईरान की हाजर सफरजादेह ने रजत पदक जीता।
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सिमरन -तेजलबेन
- फोटो : PCI
विस्तार
भारत की अनुभवी पैरा एथलीट सिमरन ने एशियन पैरा गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। सिमरन ने नया गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए यह उपलब्धि हासिल की। वहीं, इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में पदार्पण कर रही भारत की तेजलबेन डामोर ने कांस्य पदक जीतकर देश की सफलता में एक और पदक जोड़ दिया। मंगलवार को आयोजित इस स्पर्धा में सिमरन ने 24.80 सेकेंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया। ईरान की हाजर सफरजादेह 25.02 सेकेंड के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि तेजलबेन ने 25.23 सेकेंड में दौड़ पूरी कर तीसरा स्थान हासिल किया।
सिमरन ने बनाया गेम्स रिकॉर्ड
26 वर्षीय सिमरन का यह एशियन पैरा गेम्स में पहला स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने 2023 में हांगझोऊ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में इसी स्पर्धा में रजत पदक जीता था। सिमरन ने 2024 पेरिस पैरालंपिक में भी कांस्य पदक हासिल किया था। सिमरन फिलहाल अपने नए गाइड शिवम के साथ वापसी की राह पर हैं। उनके पिछले गाइड उमर सैफी को डोपिंग उल्लंघन के कारण प्रतिबंधित कर दिया गया था। स्वर्ण पदक जीतने के बाद सिमरन ने कहा कि उनका लक्ष्य एशियाई रिकॉर्ड को छूना था। 24.46 सेकेंड का एशियाई रिकॉर्ड भी उनके नाम है, लेकिन शारीरिक रूप से पूरी तरह सहज महसूस नहीं करने और पिछली हीट रेस के बाद थकान के कारण वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकीं।
खानपान की चुनौती के बावजूद हासिल की जीत
सिमरन ने प्रतियोगिता के दौरान खानपान से जुड़ी चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह शाकाहारी हैं, जबकि आयोजन स्थल पर मुख्य रूप से समुद्री भोजन उपलब्ध है। ऐसे में उन्हें ज्यादातर दाल-चावल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए परेशानी का विषय है, लेकिन वह इन चुनौतियों से पार पाने की कोशिश कर रही हैं। सिमरन ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि भारतीय खिलाड़ी इच्छाशक्ति के दम पर भी दौड़ सकते हैं। स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब सिमरन की नजरें 100 मीटर स्पर्धा पर हैं। इस इवेंट में उन्होंने पिछले एशियन पैरा गेम्स में रजत पदक जीता था।
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तेजलबेन ने पदार्पण में जीता कांस्य
24 वर्षीय तेजलबेन डामोर ने अपने पहले एशियन पैरा गेम्स में ही पदक जीतकर प्रभावित किया। उन्होंने 200 मीटर टी12 स्पर्धा में 25.23 सेकेंड का समय निकालकर कांस्य पदक हासिल किया। तेजलबेन ने कहा कि वह काफी उम्मीदों और दृढ़ संकल्प के साथ इस प्रतियोगिता में आई हैं, क्योंकि उनके जीवन की परिस्थितियां आसान नहीं रही हैं। उनके माता-पिता ने लंबे समय तक आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया है। उन्होंने कहा कि पदक जीतना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण था। तेजलबेन ने बताया कि अब उनकी नजरें 400 मीटर स्पर्धा पर हैं, जिसे वह अपना सर्वश्रेष्ठ इवेंट मानती हैं। 200 मीटर में कांस्य पदक जीतने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वह अगली स्पर्धा में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए उत्साहित हैं।
क्या है टी12 वर्ग?
टी12 वर्ग पैरा एथलेटिक्स में उन खिलाड़ियों के लिए होता है, जिन्हें मध्यम स्तर की दृष्टिबाधिता होती है। इस वर्ग में खिलाड़ी अपनी दृष्टि संबंधी स्थिति के अनुरूप निर्धारित नियमों के तहत प्रतिस्पर्धा करते हैं। सिमरन के स्वर्ण और तेजलबेन के कांस्य पदक ने एशियन पैरा गेम्स में भारतीय एथलेटिक्स अभियान को मजबूती दी है। अब दोनों खिलाड़ियों की नजरें अपनी अगली स्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन करने पर होंगी।
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सिमरन ने बनाया गेम्स रिकॉर्ड
26 वर्षीय सिमरन का यह एशियन पैरा गेम्स में पहला स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने 2023 में हांगझोऊ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में इसी स्पर्धा में रजत पदक जीता था। सिमरन ने 2024 पेरिस पैरालंपिक में भी कांस्य पदक हासिल किया था। सिमरन फिलहाल अपने नए गाइड शिवम के साथ वापसी की राह पर हैं। उनके पिछले गाइड उमर सैफी को डोपिंग उल्लंघन के कारण प्रतिबंधित कर दिया गया था। स्वर्ण पदक जीतने के बाद सिमरन ने कहा कि उनका लक्ष्य एशियाई रिकॉर्ड को छूना था। 24.46 सेकेंड का एशियाई रिकॉर्ड भी उनके नाम है, लेकिन शारीरिक रूप से पूरी तरह सहज महसूस नहीं करने और पिछली हीट रेस के बाद थकान के कारण वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकीं।
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खानपान की चुनौती के बावजूद हासिल की जीत
सिमरन ने प्रतियोगिता के दौरान खानपान से जुड़ी चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह शाकाहारी हैं, जबकि आयोजन स्थल पर मुख्य रूप से समुद्री भोजन उपलब्ध है। ऐसे में उन्हें ज्यादातर दाल-चावल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए परेशानी का विषय है, लेकिन वह इन चुनौतियों से पार पाने की कोशिश कर रही हैं। सिमरन ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि भारतीय खिलाड़ी इच्छाशक्ति के दम पर भी दौड़ सकते हैं। स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब सिमरन की नजरें 100 मीटर स्पर्धा पर हैं। इस इवेंट में उन्होंने पिछले एशियन पैरा गेम्स में रजत पदक जीता था।
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तेजलबेन ने पदार्पण में जीता कांस्य
24 वर्षीय तेजलबेन डामोर ने अपने पहले एशियन पैरा गेम्स में ही पदक जीतकर प्रभावित किया। उन्होंने 200 मीटर टी12 स्पर्धा में 25.23 सेकेंड का समय निकालकर कांस्य पदक हासिल किया। तेजलबेन ने कहा कि वह काफी उम्मीदों और दृढ़ संकल्प के साथ इस प्रतियोगिता में आई हैं, क्योंकि उनके जीवन की परिस्थितियां आसान नहीं रही हैं। उनके माता-पिता ने लंबे समय तक आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया है। उन्होंने कहा कि पदक जीतना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण था। तेजलबेन ने बताया कि अब उनकी नजरें 400 मीटर स्पर्धा पर हैं, जिसे वह अपना सर्वश्रेष्ठ इवेंट मानती हैं। 200 मीटर में कांस्य पदक जीतने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वह अगली स्पर्धा में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए उत्साहित हैं।
क्या है टी12 वर्ग?
टी12 वर्ग पैरा एथलेटिक्स में उन खिलाड़ियों के लिए होता है, जिन्हें मध्यम स्तर की दृष्टिबाधिता होती है। इस वर्ग में खिलाड़ी अपनी दृष्टि संबंधी स्थिति के अनुरूप निर्धारित नियमों के तहत प्रतिस्पर्धा करते हैं। सिमरन के स्वर्ण और तेजलबेन के कांस्य पदक ने एशियन पैरा गेम्स में भारतीय एथलेटिक्स अभियान को मजबूती दी है। अब दोनों खिलाड़ियों की नजरें अपनी अगली स्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन करने पर होंगी।