अपने सुख-दुख का फैसला अपने ही हाथ

Rakesh Jha Updated Mon, 30 Jul 2012 11:20 AM IST
you control your destiny
कुदरत ने अपने कई रहस्य उजागर किए हैं। आए दिन वह नये-नये रहस्यों का उद्घाटन करती भी है। इस तेजी से कि लगता है कि ल्दी ही उसकेरहस्यों का खजाना खाली हो जाएगा। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि जगत को पूरी तरह जान सकना कभी सम्भव न हो सकेगा क्योंकि उसके विस्तार की तुलना में मानवी बुद्धि की एक सीमा और मर्यादा है।

इसके कई उदाहरण हैं जैसे आंख से न दिख सकने वाले एक जीव को केवल लम्बाई-चौड़ाई की दो दिशाओं का ही ज्ञान है। ऊंचाई से वह परिचित नहीं है। उसे समतल फर्श पर रखा जाय तो वह चलता ही रहेगा किन्तु आगे कोई तख्ती खड़ी रख दी जाय तो रुक जायेगा। उस बाधा से बचने या आगे बढ़ने का कोई उपाय नही करेगा।

अगर उसमें बुद्धि रही होती तो वह सोचता और दावे के साथ कहता कि लंबाई चौड़ाई के अलावा ऊंचाई का कोई आयाम नहीं होता। कर्म फल न चाहते हुए भी मिलते हैं। कोई नहीं चाहता कि उसे गलत कामों के लिए दंड मिले, पर यह इच्छा कहां पूरी होती है? नियामक शक्ति जिसे ईश्वरीय विधान भी कह सकते हैं के जरिए प्राणियों पर भी अंकुश रहता है।

जैसे ही वे आलस्य-प्रमाद बरतते हैं उन्हें नाकामी की झेलना पड़ती है। इसकी वजह बताते हुए विचारक ए. हिचकाक ने लिखा है जीवन की प्रत्येक ईकाई में चेतना के सूक्ष्म स्तर पर ऐसी व्यवस्था आयोजित है कि वह बुरे या नियति से विपरीत कामों का दंड अपने आप ही चुनाव कर लेती है।  

आज के कर्मों का फल कल मिले इसमें देरी तो हो सकती है किंतु कुछ भी करते रहने और मन चाहे प्रतिफल पाने की छूट किसी को भी नहीं है। हांलाकि सभी सुविधानजक स्थिति में स्थिर रहना चाहते हैं, पर इसमें किसी की मर्जी नही चलती।

इस व्यवस्था प्रवाह को ईश्वर समझा जा सकता है। अंतःकरण में एक ऐसी शक्ति काम करती है जो सन्मार्ग पर चलने से प्रसन्न, संतुष्ट हुई दिखाई पड़ती है और कुपंथ पर चले तो खिन्नता अनुभव करती है।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all spirituality news in Hindi related to religion, festivals, yoga, wellness etc. Stay updated with us for all breaking news from fashion and more Hindi News.

Spotlight

Most Read

Wellness

सीख: परेशानियां चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, जिंदगी पर कभी हावी न होने दें

ट्रेन में गाते-बजाते बूढ़ों की कहानी, जिनसे निराश रिया ने जीवन का नया अनुभव हासिल किया।

23 जनवरी 2018

Related Videos

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पहुंचे करण जोहर, कहा ये

स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर करण जोहर ने भी हिस्सा लिया।

23 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper