विदुर नीति: जीवनभर धन के लिए तरसते हैं ये तीन आदत के लोग
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विदुर नीति महाभारत के अहम पात्र महात्मा विदुर के द्वारा रचित नीति ग्रंथ है। इसमें समाज और लोगों के कल्याण के लिए बहुत सारी बातें नीतियों के रूप में बताई गई हैं। चाणक्य बेहद विद्वान और कुशल रणनीतिकार थे। कहते हैं महात्मा विदुर की समझदारी और भगवान श्रीकृष्ण का साथ पाकर पांडवों ने महाभारत युद्ध में कौरवों को परास्त कर दिया था। विदुर नीति के अनुसार, जिन लोगों में कुछ विशेष आदतें होती हैं उन पर कभी भी मां लक्ष्मी जी की कृपा नहीं बरसती है। ऐसे लोग सदा धन के लिए तरसते हैं।
विदुर नीति के अनुसार, आलसी लोगों पर मां लक्ष्मी कभी अपनी कृपा नहीं बरसाती हैं। कहते हैं कि ऐसे लोगों को हमेशा भाग्य पर रोना पड़ता है। महात्मा विदुर कहते हैं कि जिन लोगों में आलस्य होता है, वे लोग अपनी बर्बादी की वजह खुद बनते हैं। आलस्य को सबसे बड़ा शत्रु माना जाता है। आलस्य ही गरीबी को जन्म देता है। जो लोग आलसी होते हैं उन्हें अपने जीवन में धन का अभाव सहना पड़ता है।
विदुर नीति के अनुसार, मेहनत ही सफलता की सीढ़ी होती है। लेकिन जो लोग मेहनत से जी चुराते हैं, उनके पास सदा ही धन का अभाव रहता है। कुछ लोग ऐसे होते हैं जो बैठे-बैठे तरक्की, उपलब्धि और रोजगार पाना चाहते हैं। लेकिन वास्तव में उनकी ये हसरतें पूरी नहीं होती है। लक्ष्य को पाने के लिए मेहनत बहुत जरूरी है। जो व्यक्ति अपने लिए स्वयं मेहनत नहीं कर सकता है, उस पर ईश्वरीय कृपा भी नहीं बरसती है।
विदुर नीति के अनुसार, जो व्यक्ति ईश्वर पर विश्वास नहीं करता है ऐसे व्यक्ति पर ईश्वर की कृपा कभी नहीं बरसती है। ऐसे जातकों का जीवन दरिद्रता में बीतता है। मनुष्य को हमेशा ईश्वर पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। अपने मन में रोजाना ईश्वर का ध्यान जरूर करें। संभव हो तो अपने घर में धूप-दीप भी जरूर जगाएं।