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उन्नति और मन की शुद्घता की शुरूआत करें भोजन सेः सुधांशु जी महाराज

Mon, 01 Jul 2013 12:43 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क। Updated Mon, 01 Jul 2013 12:43 PM IST
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sudhanshuji maharaj pravachan behaviour during meal

भोजन सिर्फ पेट भरने और शरीर को पालने के लिए नहीं करना चाहिए। भोजन का उद्देश्य भी सिर्फ इतना ही नहीं है कि आप अपने उदर की ज्वाल को शांत करें और तृष्ण की पूर्ति करें। भोजन करते समय अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। मन में उठने वाले बुरे विचारों में कमी आएगी और आत्म उन्नति का रास्ता सरल होगा।

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उन्नति सिर्फ बड़ी-बड़ी नौकरी पाना या बड़ा बिजनेसमैन बन जाना नहीं है। उसली उन्नति व्यवहार और आत्मा की सद्गति है। इसकी शुरूआत आप भोजन के दौरान कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले जरूरी है कि आपका भोजन शुद्घ हो। गीता में भी कहा गया है कि उत्तम मुनष्य को बासी, दूषित और मन को विचलित करने वाले आहार से बचना चाहिए। इसलिए पवित्र भोजन ग्रहण करें।
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जब भोजन करने बैठें तो अपने भोजन का कुछ भाग अलग निकालकर रख लीजिए। वैसे तो नियम है कि अग्नि में आहुति देकर गउ ग्रास निकाल लें। आस-पास में अगर कोई भूखा व्यक्ति बैठा है तो उसका भी ध्यान रखें। भोजन करते समय उसकी तरफ देखते हुए यह सोचें कि यह मेरे भगवान का प्रसाद है। प्रसाद हमेशा मिलजुल कर ग्रहण करना चाहिए।
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मेरे परमात्मा ने जो कृपापूर्वक आज मुझे अन्न दिया है मैं उसका ध्न्यवाद करूं। भोजन करते समय कभी किसी प्रकार की शिकायत नहीं कीजिए। भोजन करने के दौरान मन पर किसी प्रकार का बोझ न लादें। प्रसन्न रहें। भगवान का आभार प्रकट करते हुए भोजन ग्रहण करें।

भोजन करते समय एक बात का ख्याल अवश्य रखें कि आप जो भोजन कर रहे हैं वह कैसे प्राप्त हुआ है। आप यह भी सोचें कि मेरी कमाई पवित्र है या चालाकी की।

साभारः विश्व जागृति मिशन
श्री सुंधाशु जी महाराज जीवन परिचय

सुधांशु जी महाराज का जन्म 2 मई 1955 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में हुआ। इन्होंने गायत्री मंत्र द्वारा अज्ञानता दूर करने की विधि को जाना। बाल्यावस्था में ही इन्होंने मंत्र और श्लोकों का अच्छा ज्ञान अर्जित कर लिया था। 24 मार्च 1991 को रामनवमी के दिन इन्होंने दिल्ली में विश्व जागृति मिशन की स्थापना की।


देश-विदेश में इसकी कुल 80 शाखाएं हैं। इस मिशन के द्वारा सुधांशु जी महाराज भारत ही नहीं विदेशों में भी अध्यात्म और जनकल्याण का संदेश प्रचारित कर रहे हैं। इनका मिशन निर्धनों और कमज़ोर व्यक्तियों की सहायता करता है।

दिल्ली स्थित इनके आनन्दधम आश्रम में अस्पताल मौजूद हैं जहां गरीब व्यक्तियों को मुफ्त चिकित्सा सेवा उपलब्ध करायी जाती है। अन्य आश्रमों में भी बुजुर्गों एवं गरीबों के लिए विशेष सुविधाओं की व्यवस्था की गयी है। समय-समय पर विश्व जागृति मिशन के द्वारा सुधांशु जी महाराज देश-दुनिया में पीड़ित लोगों की सेवाओं में भी योगदान देते हैं।

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