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पूर्वजन्म का बदला लेने के लिए स्त्री बनकर लिया दूसरा जन्म

Tue, 01 Jul 2014 11:22 AM IST
Updated Tue, 01 Jul 2014 11:22 AM IST
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story of bhakt sadan prebirth story

यह कहानी उस स्त्री की है जो पूर्वजन्म में एक गाय थी। इस गाय का मालिक कसाई था। एक दिन यह गाय अपना बंधन तोड़कर भाग चली। कसाई गाय का पीछा करता दौर रहा था।

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रास्ते में एक व्यक्ति ने उसे पकड़ लिया और गाय को कसाई के हवाले कर दिया। समय बीता और गाय ने दूसरा जन्म लिया।

गाय को पकड़ने वाले ने भी लिया दूसरा जन्म

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गाय एक स्त्री बनी और कसाई उसका पति। गाय को पकड़ने वाले का भी पुनर्जन्म हुआ और वह कसाई बना। इस कसाई का नाम था सदन।

सदन कसाई होने पर भी पूर्वजन्म के कर्मों के कारण ईश्वर में बड़ी आस्था रखता था। एक बार यह तीर्थयात्रा पर निकला।

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रात में स्त्री ने किया हैरान करने वाला काम

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रास्ते में इसने एक घर में आश्रय मांगा। उस घर में सिर्फ पति-पत्नी रहते थे। सदन ने देखकर वह स्त्री मोहित हो गई। रात में जब उसका पति सो गया तब वह सदन के पास आई और प्रेम की प्रार्थना करने लगी।

लेकिन सदन ने उसकी बात नहीं मानी। स्त्री को लगा कि सदन उसके पति के भय से उसके प्रेम को स्वीकार नहीं कर रहा है। स्त्री घर के अंदर गई और तेज हथियार से अपने पति की हत्या कर दी।

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इस तरह खुला पूर्वजन्म का राज

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इसके बाद वह स्त्री वापस सदन के पास आई और बोली तुम्हें मेरे पति से डरने की जरूरत नहीं है मैंने उसका वध कर दिया है। इसके बाद भी सदन ने उस स्त्री के प्रेम को अस्वीकार कर दिया। अब तो स्त्री को क्रोध आ गया और उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। स्त्री ने अपने पति की हत्या का आरोप सदन के ऊपर लगा दिया।

राजा ने दंड स्वरूप सदन के दोनों हाथ कटवा दिए। सदन अपने कटे हुए हाथों के साथ जगन्नाथ पुरी पहुंचा। यहां पहुंचने पर एक रात उसे सपने में आकर जगन्नाथ जी ने बताया कि तुमने पूर्वजन्म में गाय को पकड़कर कसाई को सौंप दिया था।

गाय ने तुम्हें माफ नहीं किया और स्त्री के रूप में जन्म लेकर तुम्हें यह दंड दिया है। कहते हैं इसके बाद जगन्नाथ जी ने एक चमत्कार किया और सदन के दोनों हाथ वापस लौट आए। इस कथा का उल्लेख गोरखपुर से प्रकाशित कल्याण पत्रिका के भक्तमाल अंक में किया किया गया है।


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