{"_id":"05f8c496-6d28-11e2-a797-d4ae52bc57c2","slug":"quote-of-ambedkar-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वार्थ स्वेच्छा से नहीं छूटता है","category":{"title":"Wellness","title_hn":"पॉज़िटिव लाइफ़","slug":"wellness"}}
स्वार्थ स्वेच्छा से नहीं छूटता है
Updated Sat, 02 Feb 2013 04:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इतिहास बताता है कि जहाँ नैतिकता और अर्थशास्त्र के बीच संघर्ष होता है
विज्ञापन
वहां जीत हमेशा अर्थशास्त्र की होती है। निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा
से नहीं छोड़ा गया है जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल ना लगाया
गया हो। अम्बेडकर