फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Wellness ›   pranav pandya speech on life and death

क्या आपने सुनी है कभी मुर्दों की आवाज, पढ़िए ये खबर

Sun, 19 Apr 2015 05:02 PM IST
डा. प्रणव पण्डया
डा. प्रणव पण्डया Updated Sun, 19 Apr 2015 05:02 PM IST
विज्ञापन
pranav pandya speech on life and death

किमाश्चर्य परमं यानी सबसे बड़ा आश्चर्य क्या है। युगों पहले यक्ष ने युधिष्ठर से यह सवाल पूछा था। धर्म का मर्म जानने वाले युधिष्ठर ने उत्तर में यक्ष से कहा था हजारों लोगों को रोज मरते हुए देखकर भी अपनी मौत से अनजान बने रहना, जीते रहने की लालसा में अनेकों दुष्कर्म करते रहना ही सबसे बड़ा आश्चर्य है। अनेको शवयात्राएं रोज निकलती हैं, इसके बावजूद वे अपनी शवयात्रा की कल्पना भी नहीं कर पाते।

विज्ञापन


पढ़ें, सुबह-सुबह इन चीजों का दिखना होता है बड़ा ही शुभ
विज्ञापन


काश ऐसी कल्पना की जा सके अपनी मौत के कदमों की आहट सुनी जा सके। निश्चित ही जीवन दृष्टि संसार से हटकर सत्य पर केंद्रित हो सकती है। सूफी फकीर शेखसादी के वचन है। बहुत समय पहले दजला के किनारे एक मुरदे की खोपड़ी ने कुछ बातें राहगीर से कही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐ मुसाफिर जरा होश में चल। मैं भी कभी भारी दबदबा रखती थी। मेरे पास हीरों जड़ा ताज था। मेरे पांव कभी जमीन पर न पड़ते थे। फिर एक दिन सब खत्म हो गया। कीड़े मुझे खा गए। आज हर पांव मुझे बेरहम ठोकर मारकर आगे निकल जाता है।

पढ़ें,नहीं जानते होंगे, कोहिनूर हीरे का चौंकाने वाला यह रहस्य


तू भी अपने कानों से गफलत की रुई निकाल ले। सच में मुरदों की आवाज से उठने वाली नसीहत को जो सुन लेता है, वह जान लेता है कि जन्म के साथ मृत्यु भी जुड़ी है। यही जीवन का सच है। उन दोनों के बीच जो है वह केवल जीवन भर का आभास भर है। यह जीवन की एक छाया भर है।


क्योंकि जीवन तो शाश्वत है और इसकी कभी मृत्यु नहीं हो सकती। जन्म का अंत निश्चित है। मृत्यु का प्रारंभ है, जीवन का नहीं। जीवन तो इन दोनों से पार है। इसे वही पाते हैं जो अनवतर तप और सतत सत्कर्मों से जीवन की छाया से पार शाश्वत में प्रवेश करते हैं।

ऐसे लोग मौत के सच को स्वीकार करते हैं। बल्कि इसे शाश्वत जीवन का प्रवेश बना लेते हैं। जो ऐसा नहीं करते वे जीवित होकर भी जीवित नहीं हैं। और जो करने में समर्थ होते हैं वे मर कर भी नहीं मरते।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed