फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Wellness ›   phylosophy of creation and end of the world

जिस तरह से दुनिया बनी है उसी तरह से दुनिया का अंत भी संभव

Mon, 05 Jan 2015 02:16 PM IST
सद्गुरु जग्गी वासुदेव/अध्यात्मिक गुरु
सद्गुरु जग्गी वासुदेव/अध्यात्मिक गुरु Updated Mon, 05 Jan 2015 02:16 PM IST
विज्ञापन
phylosophy of creation and end of the world

जब आप आध्यात्मिक होने की इच्छा करते हैं, तो इसका मतलब है कि आप स्थूल की सीमाओं से परे जाना चाहते हैं। इस खोज में, सबसे बड़ी बाधा है- मौत से आपका डर। जब आपका वर्तमान का अनुभव पर्याप्त नहीं होता है, तभी आप कहीं और जाना चाहते हैं।

विज्ञापन


अगर यह पल पर्याप्त रूप से महत्वपूर्ण है, तो आप कहां जाना चाहेंगे? यह ऐसा ही है, मानो आप लंगर डालकर नाव चला रहे हैं। यह सिर्फ ऊर्जा और जीवन की बड़ी बरबादी है। मगर एक बार जब आप स्थूल से परे चले जाते हैं, तो आप समय और स्थान को बस अपने चेतन दिमाग की कल्पना पाएंगे।

विज्ञापन


समय और स्थान भौतिक सृष्टि के लिए जरूरी आयाम हैं। मगर जब आप स्थूल से परे किसी आयाम को स्पर्श करते हैं, तो यहां-वहां, अब-तब जैसी कोई चीज नहीं होती। भौतिक विज्ञानियों का कहना है कि शून्यता की स्थिति में सृजन और विनाश की एक पूरी प्रक्रिया लगातार चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भौतिकविज्ञानी विस्तृत होते ब्रह्मांड की बात करते रहे हैं। अब कहा जा रहा कि जिस तरह कभी ‘बिग बैंग’ धमाका हुआ था, संभव है कि किसी दिन बड़ा विनाश हो। यह ब्रह्मांड किसी बहुत सूक्ष्म चीज से विशाल चीज में विस्तृत हुआ है, इसकी उल्टी प्रक्रिया भी हो सकती है।


जब हम निर्वाण, मोक्ष अथवा शून्य की बात करते हैं, तो हम यही कह रहे होते हैं कि यह ब्रह्मांड शून्य से उत्पन्न हुआ और अगर आप उसे पूरा चक्र करने दें, तो वह एक बार फिर से बिल्कुल शून्यता की स्थिति में चला जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed