जन्मदिन विशेषः आध्यात्म की नई परिभाषा गढ़ी ओशो ने

राकेश/इंटरनेट डेस्क। Updated Tue, 11 Dec 2012 02:13 PM IST
osho birthday special osho crafted new definition of spirituality
आध्यात्मिक जगत में ओशो एक ऐसा नाम है जिसने सम्पूर्ण विश्व के रहस्यवादियों, दार्शनिकों और धार्मिक विचारधाराओं को नवीन अर्थ दिया। आज आशो का 81वां जन्म दिन है। आज के दिन ही 1931 में इनका जन्म मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में हुआ था।

ओशो ने आध्यात्म और संन्यास की नई परिभाषा गढ़ी। इन्होंने परिवार और समाज में रहते हुए जीवन के दायित्वों का निर्वाह करना ही सच्चा संन्यास बताया। इनका मानना था कि संन्यास वह नहीं है कि भगवा वस्त्र पहन लिया और लोगों को उपदेश देना शुरू कर दिया। इस तरह के संन्यास को ओशो ने पाखंड बताया।

ओशो ने जो संन्यास की परिभाषा बतायी उसे इन्होंने नव संन्यास का नाम दिया। ओशो ने संन्यास को पुनः बुद्ध का ध्यान, कृष्ण की बांसुरी, मीरा के घुंघरू और कबीर की मस्ती दी। इन्होंने यह बताया कि देश में हजारों वर्षों से प्रचलित संयास त्याग का दूसरा नाम है, वह जीवन से भगोड़ापन है, पलायन है। क्योंकि आपने घर-परिवार छोड़ दिया, भगवे वस्त्र पहन लिए, चल पड़े जंगल की ओर और हो गये अपने सामाजिक और पारिवारिक दायित्व से मुक्त।
इन्होंने बताया कि इस तरह के संन्यास की प्रवृति से श्रीकृष्ण के समय गूंजे बांसुरी के गीत खो गए। राजा जनक के समय संन्यास में जो गहराई छुई थी, वह संसार में कमल की भांति खिलकर जीने वाला संन्यास नदारद हो गया।

ओशो ने संन्यास के साथ प्रेम की अलग परिभाषा गढ़ी। इन्होंने बताया कि प्रेम बंधन का नाम नहीं है। प्रेम जब खुला होता है, जिसमें बंधन नहीं होता है वह प्रेम मंदिर के समान होता है। लेकिन जब प्रेम समर्पित हो जाए उसे एक मात्र प्रेमी के अलावा अन्य के साथ हंसने-बोलने की इजाजत नहीं हो तब वह प्रेम कारावास बना जाता है। इन्होंने प्रेम को ही प्रार्थना कहा।

ओशो ने सैकडों पुस्तकें लिखीं, हजारों प्रवचन दिये। उनके प्रवचन पुस्तकों, आडियो कैसेट तथा विडियो कैसेट के रूप में उपलब्ध हैं। अपने क्रान्तिकारी विचारों से इन्होने लाखों अनुयायी और शिष्य बनाये। 'संभोग से समाधि की ओर' इनकी सबसे चर्चित और विवादित पुस्तक है।

ओशो के दस सिद्धांत
1. कभी किसी की आज्ञा का पालन न करे, जब तक के वो आपके भीतर से भी नहीं आ रही हो।

२. अन्य कोई ईश्वर नहीं हैं, सिवाय स्वयं जीवन के।

3. सत्य आपके अन्दर ही है, उसे बाहर ढूंढने की जरुरत नहीं।

4. प्रेम ही प्रार्थना है।

5. शून्य हो जाना ही सत्य का मार्ग है। शून्य हो जाना ही स्वयं में उपलब्धि है।

6. जीवन यही अभी है।

7. जीवन होश से जियो।

8. तैरो मत - बहो ।

9. प्रत्येक पल मरो ताकि तुम हर क्षण नवीन हो सको।

10. उसे ढूंढने की जरुरत नहीं जो कि यहीं है, रुको और देखो।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all spirituality news in Hindi related to religion, festivals, yoga, wellness etc. Stay updated with us for all breaking news from fashion and more Hindi News.

Spotlight

Most Read

Wellness

सीख: जब महिला ने मिले हीरे को बिना हिचके किसी और को दे दिया

खुशी अपने अंदर ही ढूंढनी चाहिए, वह बाहर की किसी वस्तु में नहीं मिल सकती।

23 जनवरी 2018

Related Videos

सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन पर कोलकाता में हुआ ये

आजादी के संघर्ष की ‘संज्ञा’ बने सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन पर कोलकाता में रैली निकाली गई। इस रैली के जरिए ‘बोस’ को याद किया गया। इस दौरान ‘नेता जी अमर रहें’ और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगे।

23 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper