{"_id":"61bff901afdb2b5f653dc7c3","slug":"happy-new-year-2022-take-five-resolutions-for-the-new-year-life-will-become-happy","type":"story","status":"publish","title_hn":"Happy New Year 2022: नए साल के लिए लें ये पांच संकल्प, जीवन में आएगी सुख और समृद्धि","category":{"title":"Wellness","title_hn":"पॉज़िटिव लाइफ़","slug":"wellness"}}
Happy New Year 2022: नए साल के लिए लें ये पांच संकल्प, जीवन में आएगी सुख और समृद्धि
Sat, 01 Jan 2022 12:14 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 01 Jan 2022 12:14 AM IST
सार
हम सब चाहते हैं कि आने वाला साल हमारे लिए बहुत अच्छा हो, हमारा घर खुशियों से चहकता रहे व सभी का स्वास्थ्य बढ़िया रहे। आपकी दिनचर्या में थोड़ा-सा बदलाब नए साल में आपको खुशहाल,स्वस्थ व दीर्घायु बना सकता है।
विज्ञापन
Happy New Year 2022: शास्त्रों के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त निद्रा त्यागने के लिए सर्वोत्तम है, इस समय उठने से सौंदर्य, बल,विद्या, बुद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है
- फोटो : Istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Happy New Year 2022: नया साल 2022 का आगाज हो चुका है। ऐसे में नए साल के स्वागत में हम कुछ नया करने का संकल्प लेते हैं। हम सब चाहते हैं कि आने वाला साल हमारे लिए बहुत अच्छा हो, हमारा घर खुशियों से चहकता रहे व सभी का स्वास्थ्य बढ़िया रहे। आपकी दिनचर्या में थोड़ा-सा बदलाब नए साल में आपको खुशहाल,स्वस्थ व दीर्घायु बना सकता है।
ब्रह्ममुहूर्त में उठ जाएं
शास्त्रों के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त निद्रा त्यागने के लिए सर्वोत्तम है, इस समय उठने से सौंदर्य, बल,विद्या, बुद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इस वक्त जागकर अपने इष्ट देव या भगवान की पूजा,ध्यान, अध्ययन और पवित्र कर्म करना बहुत शुभ होता है एवं इस काल में की गई ईश्वर की पूजा का फल भी शीघ्र प्राप्त होता है।
सैर, व्यायाम व योग करें
यदि आप देर से जागते हैं तो नए साल में अपनी इस बुरी आदत को बदल लीजिए। स्वस्थ्य रहने के लिए प्रतिदिन प्रातः सूर्योदय से पूर्व उठकर दो या तीन कि.मी. घूमने जाएं। आपकी उम्र कुछ भी हो, रोजाना व्यायाम, योग या तेज चहलकदमी के लिए 30 मिनट का समय निकालिए। समय और क्या व्यायाम करना है वह आप अपनी रूचि के अनुसार चुन सकते हैं।
विज्ञापन
पौष्टिक खाना खाएं
इस साल संकल्प लें कि जहां तक हो सके घर का बना हुआ ही भोजन खाएं,इससे आपके बीमार होने की आशंका बहुत कम हो जाएगी वहीँ बाहर के खाने पर जो पैसा बचेगा,उसे सूखे मेवे और फल खाने में खर्च करें । शाकाहार भोजन स्वास्थ्यवर्धक होता है अतः शाकाहार भोजन से ही स्वास्थ्य बनाने का प्रयास करें।
अन्न की बर्बादी न करें
शास्त्रों में अन्न की बर्बादी या उसकी निंदा करना महापाप माना गया है।यह भी कहा गया है कि अन्न ब्रह्मा,विष्णु और रूद्र रूप है,इसलिए अन्न ही ब्रह्म है।जो अन्न की बर्बादी या निंदा करता है,वह ब्रह्म की निंदा का भागीदार होता है।अतः हर प्राणी को अन्न की निंदा करने और उसके दुरूपयोग से बचना चाहिए।
पौधे लगाएं
हरियाली सबके मन को भाती है, सकारात्मक ऊर्जा देती है, शुद्ध ऑक्सीजन देकर पर्यावरण को भी शुद्ध और संतुलित रखती है। इतना ही नहीं वास्तुदोष निवारण, बीमारियों को ठीक करने में एवं उत्तम स्वास्थ्य संरक्षण में वृक्ष-वनस्पतियों का योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता हैं। स्पष्ट शब्दों में कहा जाए तो बढ़ते हुए प्रदूषण को रोकने के लिए वृक्षारोपण हमारी नैतिक जिम्मेदारी है, इन्हें लगाना हमारे लिए हर हाल में लाभकारी हैं। इस साल कम से कम पांच पेड़ लगाने का प्रण जरूर लें।
विज्ञापन
ब्रह्ममुहूर्त में उठ जाएं
शास्त्रों के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त निद्रा त्यागने के लिए सर्वोत्तम है, इस समय उठने से सौंदर्य, बल,विद्या, बुद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इस वक्त जागकर अपने इष्ट देव या भगवान की पूजा,ध्यान, अध्ययन और पवित्र कर्म करना बहुत शुभ होता है एवं इस काल में की गई ईश्वर की पूजा का फल भी शीघ्र प्राप्त होता है।
विज्ञापन
सैर, व्यायाम व योग करें
यदि आप देर से जागते हैं तो नए साल में अपनी इस बुरी आदत को बदल लीजिए। स्वस्थ्य रहने के लिए प्रतिदिन प्रातः सूर्योदय से पूर्व उठकर दो या तीन कि.मी. घूमने जाएं। आपकी उम्र कुछ भी हो, रोजाना व्यायाम, योग या तेज चहलकदमी के लिए 30 मिनट का समय निकालिए। समय और क्या व्यायाम करना है वह आप अपनी रूचि के अनुसार चुन सकते हैं।
विज्ञापन
पौष्टिक खाना खाएं
इस साल संकल्प लें कि जहां तक हो सके घर का बना हुआ ही भोजन खाएं,इससे आपके बीमार होने की आशंका बहुत कम हो जाएगी वहीँ बाहर के खाने पर जो पैसा बचेगा,उसे सूखे मेवे और फल खाने में खर्च करें । शाकाहार भोजन स्वास्थ्यवर्धक होता है अतः शाकाहार भोजन से ही स्वास्थ्य बनाने का प्रयास करें।
अन्न की बर्बादी न करें
शास्त्रों में अन्न की बर्बादी या उसकी निंदा करना महापाप माना गया है।यह भी कहा गया है कि अन्न ब्रह्मा,विष्णु और रूद्र रूप है,इसलिए अन्न ही ब्रह्म है।जो अन्न की बर्बादी या निंदा करता है,वह ब्रह्म की निंदा का भागीदार होता है।अतः हर प्राणी को अन्न की निंदा करने और उसके दुरूपयोग से बचना चाहिए।
पौधे लगाएं
हरियाली सबके मन को भाती है, सकारात्मक ऊर्जा देती है, शुद्ध ऑक्सीजन देकर पर्यावरण को भी शुद्ध और संतुलित रखती है। इतना ही नहीं वास्तुदोष निवारण, बीमारियों को ठीक करने में एवं उत्तम स्वास्थ्य संरक्षण में वृक्ष-वनस्पतियों का योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता हैं। स्पष्ट शब्दों में कहा जाए तो बढ़ते हुए प्रदूषण को रोकने के लिए वृक्षारोपण हमारी नैतिक जिम्मेदारी है, इन्हें लगाना हमारे लिए हर हाल में लाभकारी हैं। इस साल कम से कम पांच पेड़ लगाने का प्रण जरूर लें।