फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Wellness ›   dont say sorry repeatedely to become successful

तरक्की चाहते हैं तो बार-बार 'सॉरी' न कहें

Thu, 18 Oct 2012 12:44 PM IST
राकेश/इंटरनेट डेस्क
राकेश/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 18 Oct 2012 12:44 PM IST
विज्ञापन
dont say sorry repeatedely to become successful
अपनी गलती पर सॉरी कहना अच्छी बात है, इससे पता चलता है कि व्यक्ति नम्र और सरल स्वभाव का है। बात शुरू करते समय सॉरी बोलना यह दर्शाता है कि व्यक्ति इस बात को लेकर काफी सजग है कि दूसरे की भावना को चोट न पहुंचे। लेकिन कुछ लोगों को सॉरी बोलने की आदत होती है। ऐसे लोग जहां जरूरत नहीं होती है वहां भी बार-बार सॉरी बोलते रहते हैं। मनोचिकित्सक 'समीर पारिख' कहते हैं कि जब कोई व्यक्ति बात-बात पर तकिया कलाम की तरह सॉरी कहता है तो इसका मतलब है कि व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी हो सकती है। 
विज्ञापन


बात-बात पर 'सॉरी' या 'माफ कीजिए' कहने वाले लोगों के अंदर यह भावना रहती है कि वह जो कुछ सामने वाले से कहने जा रहे हैं उससे सामने वाला नाराज हो सकता है। अपने अंदर के भय के कारण बचाव के लिए माफ कीजिए या सॉरी शब्द बोलकर अपनी बात सामने रखते हैं। मनोचिकित्सक का कहना है कि व्यक्ति जिस परिवेश में पलता बढ़ता है उसका प्रभाव उसके व्यक्तित्व और बोल-चाल पर पड़ता है। इसलिए कुछ लोग सॉरी या माफ कीजिए से अपनी बात शुरू करते हैं। लेकिन बात यही है कि किसी भी चीज की अति हमेशा हानिकारक होती है।
विज्ञापन


मनोचिकित्सक का कहना है कि हम जितना स्पष्ट और साफ लहजे में अपनी बात दूसरे के सामने रखते हैं उतना ही समाने वाले पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। हमारे अंदर हिचक की भावना होने पर सामने वाला हमारी कमज़ोरी का फायदा उठा सकता है। इसलिए कभी ऐसी स्थिति न बनने दें कि सामने वाला आपकी कमज़ोरियों का लाभ उठाने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्नति के लिए जरूरी है कि हमारे अंदर आत्मविश्वास भरपूर हो। आत्मविश्वास होने पर हम बड़ा से बड़ा कदम सहजता से उठा लेते हैं लेकिन अंदर डर की भावना होने पर बहुत कुछ जानते समझते हुए भी आवश्यक कदम उठाने में हिचकते हैं। ऐसे लोग जीवन में उन्नति की दौड़ में पीछे रह जाते हैं। अपनी उन्नति के लिए हमें आज से ही तय कर लेना चाहिए कि 'माफ कीजिए' और 'सॉरी' शब्द को तकिया कलाम नहीं बनने देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed