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मां दुर्गा के मंत्र: शारदीय नवरात्रि पर इन मंत्रों के जाप से करें मां दुर्गा को प्रसन्न, दूर होंगी परेशानियां
Tue, 13 Oct 2026 05:58 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 13 Oct 2026 05:58 PM IST
सार
शारदीय नवरात्रि पर देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए कई मंत्रों का जाप करना बहुत ही शुभ होता है। इससे मां दुर्गा जल्दी प्रसन्न होती हैं।
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मां दुर्गा मंत्र जाप
- फोटो : amar ujala
विस्तार
शारदीय नवरात्रि पर लगातार 9 दिनों तक मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करने का विशेष विधान होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शारदीय नवरात्रि पर मां के सभी 9 स्वरूपों की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और संपन्नता की प्राप्ति होती है। नवरात्रि पर देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए उनके विशेष मंत्रों का भक्ति के साथ जाप करने से मन में शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। नवरात्रि के पावन मौके पर आइए जानते हैं मां दुर्गा के किन-किन मंत्रों का जाप करना शुभ और मंगलकारी साबित होगा।
कार्यबाधा निवारण के लिए- जब कार्यों में लगातार बाधाएं आने लगे तब इस मंत्र का जाप नवरात्रि पर करें।
ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।
संकट से मुक्ति के लिए- जीवन में आने वाले संकटों का समाधान पाने के लिए नवरात्रि पर इस मंत्र का जाप करें। इससे देवी दुर्गा की विशेष कृपा मिलती है।
रक्तबीजवधे देवी चण्डमुण्ड विनाशनी।
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।
व्याधिमुक्ति के लिए- बीमारियों से बचने और अच्छी सेहत के लिए इस मंत्र का जाप करें।
स्तुवद्भ्यो भक्तिपूर्वं त्वां चण्डिके व्याधिनाशिनि।
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।
शीघ्र विवाह के लिए- जल्द विवाह के लिए नवरात्रि पर इस मंत्र का जाप करें।
पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानु सारिणीम्।
तारिणी दुर्ग संसार सागरस्य कुलोभ्दवाम्।।
रोगों से मिलती है मुक्ति-
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा, रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्।
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां, त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति।।
विपत्ति से छुटकारा पाने के लिए-
देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोखिलस्य।
प्रसीद विश्वेश्वरी पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य।।
नौकरी में पदोन्नति के लिए-
वन्दिताप्राधियुगे देवी देव सौभाग्यदायिनी
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।
सुख और सौभाग्य में वृद्धि के लिए-
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषोजहि॥
नवरात्रि पर मंत्र जाप के नियम
नवरात्रि पर मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए मंत्र जाप के लिए कुछ नियम होते हैं। सबसे पहले सुबह स्नान करके साफ-सुथरे वस्त्र पहनें और मां दुर्गा के सामने दीपक जलाएं। फिर मां दुर्गा का लाल फूल और मंत्रों का जाप करें। आप मां दुर्गा के मंत्र के जाप के लिए 11, 21 या फिर 108 बार जाप करें। इससे सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना करें।
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कार्यबाधा निवारण के लिए- जब कार्यों में लगातार बाधाएं आने लगे तब इस मंत्र का जाप नवरात्रि पर करें।
ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।
संकट से मुक्ति के लिए- जीवन में आने वाले संकटों का समाधान पाने के लिए नवरात्रि पर इस मंत्र का जाप करें। इससे देवी दुर्गा की विशेष कृपा मिलती है।
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रक्तबीजवधे देवी चण्डमुण्ड विनाशनी।
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।
व्याधिमुक्ति के लिए- बीमारियों से बचने और अच्छी सेहत के लिए इस मंत्र का जाप करें।
स्तुवद्भ्यो भक्तिपूर्वं त्वां चण्डिके व्याधिनाशिनि।
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।
शीघ्र विवाह के लिए- जल्द विवाह के लिए नवरात्रि पर इस मंत्र का जाप करें।
पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानु सारिणीम्।
तारिणी दुर्ग संसार सागरस्य कुलोभ्दवाम्।।
रोगों से मिलती है मुक्ति-
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा, रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्।
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां, त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति।।
विपत्ति से छुटकारा पाने के लिए-
देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोखिलस्य।
प्रसीद विश्वेश्वरी पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य।।
नौकरी में पदोन्नति के लिए-
वन्दिताप्राधियुगे देवी देव सौभाग्यदायिनी
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।
सुख और सौभाग्य में वृद्धि के लिए-
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषोजहि॥
नवरात्रि पर मंत्र जाप के नियम
नवरात्रि पर मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए मंत्र जाप के लिए कुछ नियम होते हैं। सबसे पहले सुबह स्नान करके साफ-सुथरे वस्त्र पहनें और मां दुर्गा के सामने दीपक जलाएं। फिर मां दुर्गा का लाल फूल और मंत्रों का जाप करें। आप मां दुर्गा के मंत्र के जाप के लिए 11, 21 या फिर 108 बार जाप करें। इससे सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना करें।
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