Laddu Gopal ki Seva: गर्मियों में ऐसे करें लड्डू गोपाल की सेवा, होगी विशेष कृपा
Laddu Gopal ki Seva: हिंदू धर्म में सभी देवी-देवताओं की पूजा करने का विधान है। शास्त्रों में पूजा से जुड़ें नियमों का भी उल्लेख है। इनके आधार पर पूजा-पाठ करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वहीं कुछ लोग भगवान कृष्ण की सेवा करने के लिए उनके बाल रूप को घरों में रखते हैं। श्रीकृष्ण के इस बाल स्वरूप की सेवा बच्चों की तरह की जाती है। उन्हें परिवार में एक सदस्य की तरह रखा जाता है। कुछ लोग लड्डू गोपाल को भाई के रूप में रखते हैं। मान्यता है कि ठाकुर जी की विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन में खुशहाली बनी रहती है। साथ ही संतान सुख की भी प्राप्ति होती है।
कहते हैं कि जिन लोगों के घरों में लड्डू गोपाल की सेवा की जाती है, वहां हमेशा सुख-समृद्धि का वास होता है। इस दौरान कई नियमों पालन भी किया जाता है, तभी उनकी सेवा पूरी होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लड्डू गोपाल का गर्मियों में अधिक ध्यान रखता जाता है, क्योंकि उन्हें भी गर्मी का एहसास होता है। बढ़ते तापमान से बचाव के लिए उनके लिए हमेशा ठंडक की व्यवस्था करनी चाहिए। इसके अलावा कई अन्य चीजों का ध्यान भी रखना चाहिए। आइए इस लेख के माध्यम से जान लेते हैं कि गर्मियों में कृष्ण जी की पूजा कैसे करनी चाहिए।
गर्मियों में ऐसे करें लड्डू गोपाल की सेवा
- गर्मियों के मौसम में लड्डू गोपाल को सूर्योदय से पहले जगाना चाहिए। ये समय ठंडक वाला होता है, ऐसे में जल्दी उठाकर उन्हें स्नान और श्रृंगार कराना चाहिए। इस दौरान माखन मिश्री का भोग जरूर लगाना चाहिए, इससे पूरे दिन की शुरुआत शुभ होती है।
- गर्मियों के मौसम में लड्डू गोपाल जी को हमेशा ठंड़े स्थान पर रखना चाहिए। यदि आपके घर में एसी या कूलर नहीं है, तो आप उन्हें खिड़की के पास भी रख सकते है। इस जगह से हमेशा उन्हें हवा लगती रहेगी। हालांकि रात में उन्हें उनके स्थान पर सुलाएं।
- लड्डू गोपाल को हमेशा चंदन लगाना चाहिए। मान्यता है कि उन्हें चंदन काफी प्रिय है। गर्मी के मौसम में हमेशा उनके माथे हाथ और पांवों पर चंदन लगाना चाहिए।
- गर्मियों के मौसम में कुछ लोग लड्डू गोपाल जी को इत्र लगाते हैं। मान्यता है कि इससे उन्हें शीतलता मिलती है। ऐसे में आप मोगरा, चमेली और चंदन वाले इत्र का उपयोग करना चाहिए।
लड्डू गोपाल को घर में रखने के नियम
यदि आप घर में लड्डू गोपाल रख रहे हैं, तो नियमानुसार उनकी सेवा करनी चाहिए। इस दौरान उन्हें तीन बार भोजन करवाना चाहिए। लड्डू गोपाल जी के घर में होने पर हमेशा सात्विक चीज बनानी चाहिए। ध्यान रखें कभी भी घर में उन्हें अकेला या खाली नहीं छोड़ना चाहिए।
श्रीकृष्ण की आरती
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला
श्रवण में कुण्डल झलकाला,नंद के आनंद नंदलाला
गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली
लतन में ठाढ़े बनमाली भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक
चंद्र सी झलक, ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की, आरती कुंजबिहारी की…॥
कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।
गगन सों सुमन रासि बरसै, बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग ग्वालिन संग।
अतुल रति गोप कुमारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥
जहां ते प्रकट भई गंगा, सकल मन हारिणि श्री गंगा।
स्मरन ते होत मोह भंगा, बसी शिव सीस।
जटा के बीच,हरै अघ कीच, चरन छवि श्रीबनवारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥ ॥ आरती कुंजबिहारी की…॥
चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
हंसत मृदु मंद, चांदनी चंद, कटत भव फंद।
टेर सुन दीन दुखारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।