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Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Basant Panchami 2021 date time importance if you experience difficulty in speaking then chant this stuti of goddess saraswati

basant panchami 2021: वाणी दोष से हैं परेशान, तो मां सरस्वती की इस स्तुति का करें जाप

Tue, 09 Feb 2021 07:47 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Tue, 09 Feb 2021 07:47 AM IST
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Basant Panchami 2021 date time importance if you experience difficulty in speaking then chant this stuti of goddess saraswati
बसंत पंचमी 2021 सरस्वती देवी

माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी या मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस बार बसंत पंचमी का पर्व 16 फरवरी 2021 दिन मंगलवार को पड़ रहा है। इस दिन स्वर और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा का विधान है। मां सरस्वती स्वर की देवी हैं। इनकी आराधना से व्यक्ति को संगीत, संभाषण आदि के क्षेत्रों में सफलता प्राप्त होती है। ये अपने भक्तों को मधुर वाणी, विद्या और बुद्धि का वर देती हैं। सही प्रकार से बोलना या बात करना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है या यूं कहे कि हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को सही प्रकार से बोलना, अपनी बात रखना आनी चाहिए। कुछ लोग धारा प्रवाह बोलने में कठिनाई का अनुभव करते हैं या फिर बोलते समय उन्हें हकलाना, हिचकिचाना, और तुतलाना जैसी समस्याएं होती हैं। जिसके कारण वे कई जगहों पर पीछे रह जाते हैं या फिर शर्मिंदगी महसूस करते हैं। इसके लिए चिकित्सक से तो परामर्श लेना ही चाहिए, साथ ही आप मां सरस्वती की स्तुति करके अपनी वाक शक्ति को मजबूत कर सकते हैं। मान्यता है कि इस पाठ का निरंतर जाप या उच्चारण करने से वाणी दोषों से भी मुक्ति प्राप्त होती है। बसंत पंचमी का दिन इस पाठ को करने के लिए बहुत ही शुभ रहता है। तो चलिए जानते है मां सरस्वती की स्तुति

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मान्यता है कि मां सरस्वती की यह स्तुति नियमित रूप से उच्चारित करने और मां वीणावादिनी की आराधना करने से व्यक्ति के वाकदोषों या बोलने से संबंधित सभी प्रकार के अवरोधों के निजात प्राप्त होती है। 


मां सरस्वती को वीणावादिनी और स्वर की देवी कहा जाता है। इनकी आराधना से व्यक्ति को कला और गायन-वादन के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। संगीत के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी यह स्तुति अत्यंत लाभकारी है। 

यदि मां सरस्वती की यह स्तुति पढ़ने और उनकी पूजा करने के साथ भगवान गणेश की आराधना भी की जाए तो व्यक्ति को बुध ग्रह को दोष से मुक्ति प्राप्त होती है। विद्या, लेखन, प्रतियोगी परीक्षा, सभाषण आदि क्षेत्र में भी सफल होते हैं।

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