फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Metaphysical ›   you can thanks such way

इंकार नहीं कर पाएंगे आपके ऊपर भी है यह पांच कर्ज

Mon, 03 Mar 2014 10:52 AM IST
शिवकुमार गोयल
शिवकुमार गोयल Updated Mon, 03 Mar 2014 10:52 AM IST
विज्ञापन
you can thanks such way

भारतीय संस्कृति में उन सभी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा दी गई है, जिनसे हम लाभान्वित होते हैं। गीता मर्मज्ञ स्वामी रामसुखदास जी लिखते हैं, श्रीमद्भागवद्गीता में गृहस्थ पर देव ऋण, ऋषि ऋण, प्राणी ऋण, कुटुंबीजन ऋण और पितृ ऋण- ये पांच ऋण बताए गए हैं।

विज्ञापन


सूर्य-चंद्रमा से हमें दिव्य जीवन शक्ति और प्रकाश मिलता है। प्रकृति से ही हम सबको जल, अन्न, फल, प्रकाश तथा अन्य वस्तुएं मिलती हैं। इसे देव ऋण बताया गया है। देव ऋण से मुक्ति के लिए हवन-यज्ञ आवश्यक बताया गया है।
विज्ञापन


ऋषि-मुनियों ने शास्त्रों-स्मृतियों की रचना कर अपनी अनुभूतियों से हमें ज्ञानरूपी प्रकाश व शिक्षा प्रदान की है। उनके द्वारा रचित सद्ग्रंथों का अध्ययन कर, संध्या गायत्री जाप करके हम ऋषि ऋण से मुक्त हो सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सामाजिक प्राणी होने के नाते हमारा कर्तव्य है कि समाज के प्रत्येक प्राणी के हित के लिए कोई न कोई कर्म अवश्य करते रहें। समाज के अभावग्रस्त व्यक्तियों, रोगियों की सेवा-सहायता को धर्मशास्त्रों में परम धर्म कहा गया है।


हमें समाज के प्रति ऋण मुक्ति के लिए अन्नदान, जल की व्यवस्था, औषधालयों की स्थापना जैसे सेवा-परोपकार के कार्य निरंतर करते रहना चाहिए। माता-पिता अपनी संतान का पालन-पोषण करने में सारा जीवन लगा देते हैं।

संतान उनकी जीवन भर सेवा करके भी उऋण नहीं हो सकती। उनकी मृत्यु के पश्चात शास्त्रानुसार अंत्येष्टि करके ही हम ऋण मुक्त हो सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed