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आप भी देखिए, प्यार की ताकत का इससे अच्छा नमूना नहीं हो सकता

Wed, 06 Aug 2014 09:29 AM IST
डॉ नार्मन पिल्स
डॉ नार्मन पिल्स Updated Wed, 06 Aug 2014 09:29 AM IST
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The unmistakable medicine to cure incurable diseases

जर्मनी के डसेलडोर्फ शहर में डॉ फ्रिट्ज टालबोट का बच्चों का अस्पताल था। अस्पताल और डॉ टालबोट की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई थी। हर दिन वह सुबह अस्पताल के सारे वार्डों में जाकर लाइलाज करार दिए गए बच्चों का मुआयना करते। उनके साथ जूनियर डॉक्टरों की एक टीम भी रहती।

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कई बार टालबोट के अस्पताल में ऐसा बच्चा भी भर्ती होता था, जिस पर तमाम तरह के उपचार बेअसर हो जाते थे। ऐसे बच्चे के पर्चे के चार्ट के कोने पर टालबोट कुछ लिख देते थे। वह लिखाई किसी के पढ़ने में नहीं आती। नर्स वह लिखावट देखने के बाद बच्चे को लेकर कहीं चली जाती थी। ज्यादातर मामलों में इस तरह का लाइलाज बच्चा बच जाता था। टीम मे शामिल दूसरे डॉक्टरों और प्रशिक्षुओं को उत्सुकता रहती कि डॉ टालबोट के पास ऐसा क्या नुस्खा है, जिससे बच्चा ठीक हो जाता है।
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एक दिन टीम के एक सदस्य डॉ ब्रेनरमान वार्ड में गए, तो किसी लाइलाज बच्चे के चार्ट पर डॉ टालबोट की लिखी दवा का नाम पढ़ने की कोशिश करने लगे। कुछ भी समझ नहीं आया, तो हेड नर्स से पूछा कि उस दवा का नाम क्या है। नर्स ने सिर्फ दो शब्द कहे, दादी मां। फिर वह डॉ ब्रेनरमान को एक कमरे में ले गई। वहां एक वृद्ध महिला टालबोट के भेजे बच्चे को सीने से लगाए बैठी थी।

डॉ ब्रेनरमान ने स्पष्ट करने के लिहाज से नर्स की ओर देखा, तो वह बोली, जब भी हमारे यहां ऐसा बच्चा लाया जाता है, जिसकी हम कोई मदद नहीं कर सकते, तो उसे यहां दादी मां की गोद में रख देते हैं। इस अस्पताल के सभी डॉक्टर और नर्सें मिलकर भी उतने बच्चे नहीं बचा पाते, जितने को दादी मां का स्नेह दूसरा जीवन दे देता है।

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