फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Metaphysical ›   the idea of salvation is abandoned of 'I'

मुक्ति पाना चाहते हैं, रामकृष्ण परमंस की यह बात गांठ बांध लें।

Mon, 10 Feb 2014 12:41 PM IST
शिवकुमार गोयल
शिवकुमार गोयल Updated Mon, 10 Feb 2014 12:41 PM IST
विज्ञापन
the idea of salvation is abandoned of 'I'

एक सज्जन स्वामी रामकृष्ण परमहंस के पास सत्संग के लिए पहुंचे। बातचीत के दौरान उन्होंने पूछा, महाराज, मुक्ति कब होगी? परमहंस जी ने कहा, जब 'मैं' चला जाएगा। 'मैं' दो तरह का होता है- एक पक्का और दूसरा कच्चा।

विज्ञापन


स्वामी जी ने आगे कहा, जो कुछ मैं देखता, सुनता या महसूस करता हूं, उसमें कुछ भी मेरा नहीं, यहां तक कि शरीर भी नहीं। मैं ज्ञानस्वरूप हूं, यह पक्का मैं है। यह मेरा मकान है, यह मेरा पुत्र है, यह सब सोचना कच्चा मैं है।
विज्ञापन


स्वामी जी कहते हैं, जिस दिन यह दृढ़ विश्वास हो जाएगा कि ईश्वर ही सब कुछ कर रहे हैं, वह यंत्री है और मैं यंत्र हूं, तो समझो, यह जीवन मुक्त हो गया। जिस प्रकार धनिकों के घर की सेविका मालिकों के बच्चों को अपने ही बच्चों की तरह पालती-पोसती है, पर मन ही मन जानती है कि उन पर उसका कोई अधिकार नहीं है, उसी प्रकार हम सबको बच्चों की तरह प्रेम से पालन-पोषण करते हुए भी विश्वास रखना चाहिए कि इन पर हमारा कोई अधिकार नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हमें कई बार भव्य धर्मशाला में कुछ दिन ठहरने का अवसर मिलता है, किंतु उसके प्रति यह भाव नहीं आता कि यह मेरी है, उसी प्रकार जगत को धर्मशाला मानकर यह सोचना चाहिए कि हम कुछ समय के लिए ही इसमें रहने आए हैं। यहां व्यर्थ की मोह, ममता व लगाव रखने से कोई लाभ नहीं होगा।

स्वामी जी का प्रवचन सुनकर उस व्यक्ति की जिज्ञासाओं का समाधान हो गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed