फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Metaphysical ›   The condition of being successful cruelty

ऐसी उदारता दिखाई कि खुद की जान आफत में आई

Thu, 12 Jun 2014 11:54 AM IST
जेन कथा
जेन कथा Updated Thu, 12 Jun 2014 11:54 AM IST
विज्ञापन
The condition of being successful cruelty

लोहे का तेज धारदार कुल्हाड़ा वन में घूम रहा था। सहमे से पेड़ डर से कांप रहे थे कि पता नहीं किस पर चल जाए। एक बूढ़े पेड़ ने सब का धीरज बंधाया कि कुल्हाड़ा कितना ही धारदार क्यों न हो, हमारा तब तक कुछ नहीं बिगाड़ सकता, जब तक कि हमारा ही कोई अंग उसका हत्था नहीं बनता।

विज्ञापन


बूढ़े पेड़ की बात सुनकर दूसरे पेड़ आश्वस्त होकर विश्राम करने लगे। कुल्हाड़ा भटकता रहा। हत्थे के लिए उसका श्रम जारी था। सहसा एक सीधी सरल टहनी से कुल्हाड़े का तनाव देखा न गया। उसने उदारता दिखाई और कुल्हाड़े के दांत चमक उठे।
विज्ञापन


पढ़ें,गुरू आ रहे कर्क राशि में, अगला एक साल कैसा रहेगा आपके लिए?
विज्ञापन
विज्ञापन


बूढ़ा पेड़ विवशता से देखता ही रह गया। कुल्हाड़ा अट्टहास करने लगा। बूढ़े पेड़ ने कहा कि अगर हमारा ही कोई अपना, तुम्हारा साथ नहीं देता, तो तुम कभी अपने कुत्सित इरादों में सफल न हो पाते। साथ ही उसने उस सीधी सरल टहनी को भी उलाहना दिया और कहा, अपने विवेकहीन सद्भाव पर मत इतरा, एक दिन यह तुझे भी उखाड़ फेंकेगा।


पढ़ें,इस समय नहीं करें धन का लेन देन होगा नुकसान

कुल्हाड़ा पेड़ दर पेड़ काटता रहा और जंगल साफ होने लगे। वन साफ होने से खाली होती गई जमीन पर कुल्हाड़ा कब्जा करने लगा। खाली जमीन पर उसने अपने लोह वंश का विस्तार करते हुए कई उद्योग लगाए। लोहे की संतति हरे भरे वनों की जगह फैलती चली गई।

अब अधिकांश भूमि पर उसका राज था। अब उसे लकड़ी पर अपनी निर्भरता समाप्त करनी थी। कुल्हाड़े ने लकड़ी के उस हत्थे को निकाल भट्ठी में झोंक दिया, और खुद विद्युत शॉ मशीन का रूप धर लिया, विनाश को और भी प्रबल और विराट करने के लिए।

अहिंसा के पालन के लिए उदारता बरती जा सकती है, किंतु वह कैसी उदारता, जिसमें हिंसक मानसिकता का संरक्षण और हिंसा को समर्थन देने की बाध्यता हो।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed