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भगवान को नहीं मानने वाले को अंत समय में दिखे भगवान
फादर पियो
Updated Mon, 09 Jun 2014 08:47 AM IST
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अफ्रीका के जंगल से गुजरते समय एक नास्तिक वैज्ञानिक प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना कर रहा था। वह अपने आप से यह भी कह रहा था कि लोग व्यर्थ ही इस अस्तित्व का श्रेय ईश्वर को देते हैं। यह तो अपने आप निर्मित हुआ है। तभी पीछे झाड़ियों में कुछ आहट हुई। एक शेर झपटा। वैज्ञानिक ने भागने की कोशिश की, लेकिन शेर ने उसे चित कर दिया। अब उसके मुंह से बरबस निकल पड़ा, भगवान बचाओ!
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और चमत्कार हुआ। वातावरण में दिव्य प्रकाश व्याप्त हो गया, और एक आवाज आई, इतने वर्षों से तुम मुझे नकारते रहे और दूसरों को भी यह समझाते रहे कि मेरा कोई वजूद नहीं है। तुमने मेरी रची दुनिया को महज घटनाओं का संयोग कहा। यह सुनकर नास्तिक को कुछ न सूझा, वह बोला, मैं अब मरने ही वाला हूं, इसलिए झूठ नहीं बोलूंगा। मैं अब भी मानता कि तुम्हारा कोई अस्तित्व नहीं है।
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फिर आकाशवाणी हुई, अच्छा, तो अब तुम मुझसे क्या चाहते हो? नास्तिक जानता था कि अब किसी संवाद की गुंजाइश नहीं है। इसलिए उसने कहा, मैं तो नहीं बदल सकता, लेकिन इस भयानक शेर को बदलकर आस्थावान बना दो!
उसी क्षण दिव्य प्रकाश लुप्त हो गया। शेर वैज्ञानिक के ऊपर से उतर गया। उसने श्रद्धा से अपना सिर झुकाया, और बोला, हे ईश्वर, मेरी भूख मिटाने के लिए तुमने उदारता दिखाई और यह भोजन सौंपा। तुझे लाख-लाख धन्यवाद।