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जादू या विज्ञान, ये कैसे ले ली चार लोगों की जान

Mon, 16 Dec 2013 01:55 PM IST
Updated Mon, 16 Dec 2013 01:55 PM IST
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telepathy science

पहली बार में इस खबर पर यकीन करना किसी के लिए भी मुश्किल हो सकता है लेकिन तुर्की में हुए अजीबो गरीब वाकये में चार लोगों की मौत आश्चर्यजनक है। असल में इनकी मौत का कारण टेलीपैथी माना जा रहा है।

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दरअसल तुर्की में चार इंजीनियरों की मौत के बाद यह कहा गया है कि मारे गए लोगों पर आत्महत्या करने के लिए टेलीपैथी के जरिए दबाव डाला गया था।

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रक्षा उत्पाद बनाने वाली बड़ी कंपनी एसेलसान ने अपने चार कर्मचारियों की मौत के सिलसिले में प्रधानमंत्री रिसेप तैयप एर्दोआन को एक रिपोर्ट सौंपी गई। खबरों के मुताबिक उनमें एक कारण टेलीपैथी को भी बताया गया है।
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साल 2006 से 2007 के दरम्यां 14 महीनों के अंतराल में हुई मौत के इन मामलों को शुरुआत में खुदकुशी के तौर पर दर्ज किया गया था।

टुडेज ज़मान की खबर में कहा गया है कि मरने से पहले ये लोग अपना मनौवैज्ञानिक इलाज करा रहे थे और इनके परिवार वालों ने इनकी मृत्यु के कारणों को लेकर शंका जाहिर की है।

तनाव और सिरदर्द
पिछले साल प्रधानमंत्री कार्यालय के जांच महकमे ने नए सिरे से मामले की जांच शुरू की। हुर्रियत डेली न्यूज़ की खबर में कहा गया है कि इस जांच रिपोर्ट में न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट नेवजात तरहान के एक अध्ययन को भी शामिल किया गया है। उन्होंने अभियोजकों से टेलीपैथी की संभावना से इनकार न करने की बात कही है।


उनके मुताबिक टेलीपैथी के जरिए किसी व्यक्ति में गहरा तनाव और सिरदर्द की समस्या पैदा की जा सकती है और इससे पीड़ित में खुदकुशी करने की भावना पनप सकती है।

हुर्रियत डेली न्यूज नेवजात तहरान के हवाले से लिखता है कि मानसिक तरंगें तकरीबन डेढ़ किलोमीटर की दूरी से भेजी जा सकती हैं। इन मामलों की जांच रिपोर्ट में इस बात को लेकर साफ तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है कि ये मौतें कत्ल की वजह से हुई थीं या खुदकुशी से। लेकिन अंकारा के मुख्य अभियोजन कार्यालय को सौंपी गई इस जांच रिपोर्ट में आगे की तफ्तीश की बात कही गई है।

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