{"_id":"20282a130c909e7fe0c0a1b96c91d75c","slug":"seeing-sweat-hopless-diseases-hindi","type":"story","status":"publish","title_hn":"पसीने की इस खूबी को जानकर आप हैरान रह जाएंगे","category":{"title":"Metaphysical","title_hn":"परामनोविज्ञान","slug":"metaphysical-parasychology"}}
पसीने की इस खूबी को जानकर आप हैरान रह जाएंगे
अनंग सेन
Updated Mon, 05 Jan 2015 11:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीमारियों को सभी ने दुत्कारा। कोई नहीं चाहता था कि वे उनके बीच रहें। जहां भी वे जातीं, लोगों को बेहद कष्ट होता, वे उन्हें भगाने के सरंजाम रचने लगते। थक-हारकर वे पहाड़ के पास गईं और बोलीं कि पर्वतराज, आप अपनी सहनशीलता और उदारता के लिए प्रख्यात हैं। हमें सभी दुत्कारते हैं। आप हमें आश्रय दें, तो यहीं रहकर दिन गुजारें।
विज्ञापन
पढ़ें,साप्ताहिक राशिफल: 5 जनवरी से 11जनवरी तक
पहाड़ ने उनका अनुरोध स्वीकार कर लिया। वे चैन से रहने लगीं। रोज ही वे पूछतीं, पर्वतराज, हमारे लायक कोई सेवा हो, तो बताइए। सुनकर पहाड़ हंस देता। एक बार उस क्षेत्र के किसानों का मन हुआ कि पहाड़ काटकर खेत बनाएं। उनकी सफलता देखकर चारों ओर के लोग भी पहाड़ काटने लगे। इससे पहाड़ का बहुत-सा हिस्सा कट गया। बीच का टीला भी गिरने जैसा हो गया।
विज्ञापन
पहाड़ चिंता में बैठा था। बीमारियों ने चिंता का कारण पूछा और सदा की भांति पूछा कि कोई सेवा हो, तो बताएं। पहाड़ को एक उपाय सूझा। उसने बीमारियों से कहा, तुम लोग इन काटने वालों को देख रही हो न! तुम इनके पास जाओ और इनसे चिपट पड़ो। उन्हें यहां से भगा दो। नहीं तो हमारा सफाया हो जाएगा और तुम्हें भी भागना पड़ेगा।
विज्ञापन
बीमारियां बहुत दिन से खाली बैठी थीं। जोश में भरकर वे चल पड़ीं और पहाड़ काटने वालों से चिपक गईं। फिर भी काटने वालों ने हार नहीं मानी। वे कुदाल-फावड़ों से पर्वत को दिन-रात छीलते रहे। कितने ही दिन बीत गए। उन लोगों की मुस्तैदी में कोई फर्क नहीं आया। पहाड़ ने बीमारियों से पूछा, इतने दिन में तुम लोगों ने क्या किया? एक भी बीमार नहीं पड़ा।
बीमारियों ने अपनी हार पर लज्जा प्रकट की और कहा, ये लोग इतना पसीना बहाते हैं कि उनके साथ-साथ हमें भी बाहर निकलना पड़ता है।