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आजमाकर देखें, दवा के साथ इनका सेवन करें रोग तुरंत भाग जाएगा
कन्हैया लाल मिश्र प्रभाकर
Updated Tue, 18 Aug 2015 11:20 AM IST
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जॉर्ज बर्नार्ड शॉ के एक मित्र थे डॉक्टर बर्कले। वह बीमारों का इलाज करते, उन्हें तंदुरुस्त रहने के लिए सलाह देते, पर खुद अक्सर बीमार रहते थे। शॉ ने एक बार उन्हें संदेश भिजवाया कि आप फुरसत में हों, तो मेरा मुआइना कर जाएं।
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डॉ. बर्कले तुरंत दौड़े आए। बर्नार्ड शॉ घर की ऊपरी मंजिल पर रहते थे। वहां की सीढ़ियां चढ़ते-चढ़ते डॉक्टर हांफ गए। शॉ ने उन्हें आरामकुर्सी दी और एक गिलास पानी पिलाया। फिर कहा, देखा आपने, मैं उम्र में आपसे कितना बड़ा हूं और इन्हीं सीढ़ियों पर दिन में तीन बार चढ़ता उतरता हूं। कभी हांफता नहीं। आप कहें, तो वह नुस्खा आपको भी बता दूं।
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डॉक्टर ने कहा, हां। बता देंगे, तो अच्छा रहेगा। शॉ ने कहा, अपनी खुराक में एक तिहाई कटौती कर दें। और साथ ही सीढ़ियां चढ़ने-उतरने जितना व्यायाम तो करें ही। डॉ. बर्कले ने स्वीकृति में सिर हिला दिया। अब बारी बर्नार्ड शॉ की थी। उन्होंने कहा, लेकिन उपचार अभी अधूरा है। यह तभी काम करेगा, जब आप इसकी फीस भी चुकाएंगे। यह बात सुनकर बर्कले ठठाकर हंस पड़े।
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उन्होंने पूछा, कितनी फीस देना होगी। बर्नार्ड शॉ ने कहा, ज्यादा नहीं, सिर्फ फीस पांच शिलिंग ही काफी है। डॉक्टर ने खिलखिला कर हंसते हुए पांच शिलिंग उन्हें दे दिए। कहा कि बहुत खूब। आपने मुझे तंदुरुस्त रखने का यह अच्छा उपाय बताया। औरों को भी इसी तरह डॉक्टर के पास आने से रोकते रहिएगा।
बर्नार्ड शॉ सचमुच अपने बीमार मित्रों को अक्सर इसी बहाने बुलाने लगे। उन्हें निरोग रहने का यह अचूक नुस्खा बताकर पांच शिलिंग भी वसूलने लगे। लेकिन बहुत कम लोगों को मालूम है कि इस तरह जो रकम इकट्ठा होती थी, उसे वह असहाय रोगियों के लिए खर्च करते थे।