फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Metaphysical ›   Pictures were modest but then also fled chicken

चीन के इस मुर्गे की दास्तान पढ़कर हैरान रह जाएंगे

Thu, 16 Oct 2014 12:28 PM IST
तिक न्यात हान्ह
तिक न्यात हान्ह Updated Thu, 16 Oct 2014 12:28 PM IST
विज्ञापन
Pictures were modest but then also fled chicken

कोई डेढ़ हजार वर्ष पहले की घटना है। चीन के सम्राट ह्वि-चान ने ऐलान किया कि राज्य की नई मुहर बनाई जाए। उस मुहर पर एक बांग देते हुए मुर्गे का चित्र हो। जो चित्रकार सबसे जीवंत चित्र बनाएगा, वह राज्य का कलागुरु होगा और उसे पुरस्कार भी दिया जाएगा।

विज्ञापन


जगह-जगह से चित्रकार आए। उन्होंने बोलते हुए मुर्गे के चित्र बना रखे थे। सभी चित्रों को राजसभा में पेश किया गया। लेकिन कौन तय करे कि अमुक चित्र सुंदर है। राजधानी में एक बूढ़ा कलाकार था। सम्राट ने चयन के लिए उसे बुलाया। चित्रकार ने खुद को उन चित्रों के साथ एक बड़े भवन में बंद कर लिया।
विज्ञापन


पढ़ें,इस राशि के व्यक्ति आज प्यार का इजहार कर सकते हैं


पूरे दिन चित्रों को परखने के बाद उसने कहा, एक भी चित्र ठीक नहीं है! राजा हैरान हुआ। उसने चित्र परखने की कसौटी पूछी। चित्रकार ने कहा, मैं एक मुर्गे को चित्रों के पास ले गया, लेकिन मुर्गे ने उन चित्रों के मुर्गों को पहचाना भी नहीं। अगर वे मुर्गे जीवंत लगते, तो वह मुर्गा घबराता या बांग जरूर देता।
विज्ञापन
विज्ञापन


तब सम्राट ने उसे ही चित्र बनाने का आदेश दिया। उस बुजुर्ग ने तीन वर्ष का वक्त मांगा। छह महीने बाद राजा ने कुछ लोगों को चित्रकार की खोज में भेजा। लोगों ने देखा कि वह बूढ़ा जंगली मुर्गों के पास बैठा हुआ है। तीन साल बाद जब उस चित्रकार के बनाए चित्र को मुर्गों के पास लाया गया, तो वे उस चित्र को देखकर डर गए और कमरे से बाहर भागे।


पढ़ें,शरीर के किस हिस्से में है रहती है आत्मा?


राजा ने जीवंत तस्वीर की वजह पूछी, तो बूढ़े ने कहा, पहले मेरा मुर्गा हो जाना जरूरी था, तभी मैं मुर्गे को निर्मित कर सकता था। मुझे मुर्गे को भीतर से जानना पड़ा कि वह क्या होता है। और जब तक मैं मुर्गे के साथ एक न हो जाऊं, तब तक कैसे जान सकता हूं कि मुर्गा भीतर से क्या है, उसकी आत्मा क्या है?

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed