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जब एक देवता समान संत पर लड़की ने लगाया मां बनाने का आरोप
ओशो
Updated Fri, 17 Jul 2015 03:23 PM IST
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जेन मास्टर हाकुइन को गांव के लोग देवता की तरह पूजते थे। उनके पड़ोस में एक परिवार रहता था, जिसमें एक सुंदर युवा लड़की भी थी। एक दिन उसके माता-पिता को पता चला कि उनकी बेटी गर्भवती है। मां-बाप बहुत नाराज हुए और उन्होंने होने वाले बच्चे के पिता का नाम पूछा। लड़की अपने प्रेमी का नाम नहीं बताना चाहती थी। मां-बाप का बहुत दबाव पड़ा, तो उसने डरते हुए हाकुइन का नाम बता दिया।
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माता-पिता गुस्से से उफनते हुए हाकुइन के पास गए। उन्हें गालियां देते हुए सारा किस्सा सुनाया। तमाम बातें सुनकर हाकुइन ने बस इतना ही कहा, लड़की सही ही कह रही होगी। पूरे गांव में यह बात फैल गई, और हाकुइन की थू-थू होने लगी। बच्चे के जन्म के बाद लोग उसे हाकुइन की कुटिया के सामने छोड़ गए।
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हाकुइन ने किसी की परवाह नहीं की, और वह बच्चे की अच्छे से देखभाल करने लगे। वह अपने खाने की चिंता नहीं करते थे, पर बच्चे के लिए कहीं-न-कहीं से दूध जुटा लेते थे। लड़की यह सब देखती रहती। इस तरह कई दिन बीत गए।
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एक दिन बच्चे का रोना सुनकर मां का दिल भर आया। उससे रहा नहीं गया, तो उसने अपने माता-पिता को सच बता दिया। लड़की के पिता के खेत में काम करने वाला एक मजदूर वास्तव में उस बच्चे का पिता था। लड़की के माता-पिता और दूसरे रिश्तेदार लज्जित होकर हाकुइन के पास गए, और उनसे अपने बुरे बर्ताव के लिए क्षमा मांगी।
लड़की ने हाकुइन से अपना बच्चा वापस मांगा। हाकुइन ने मुस्कराते हुए बस इतना कहा, बच्चा तुम्हारा ही है। खुशी से ले जाओ। यह खबर गांव में बिजली की तरह फैल गई। लोग माफी मांगते हुए हाकुइन के पास आए। वह हमेशा की तरह अब भी मुस्करा रहे थे।