फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Metaphysical ›   Man think beyond rule of life

मृत्यु से पहले पितामह भीष्म ने अर्जुन को जीवन की एक बड़ी सच्चाई बताई

Thu, 14 Jan 2016 12:07 PM IST
- अनिरुद्ध मुखर्जी
- अनिरुद्ध मुखर्जी Updated Thu, 14 Jan 2016 12:07 PM IST
विज्ञापन
Man think beyond rule of life

शरशैया पर लेटे बाणों से बिंधे भीष्म के प्राण धीरे-धीरे निकल रहे थे। शरीर के जिस हिस्से से उनके प्राण निकलते, वहां के बाण अपने-आप शरीर छोड़ देते। उन्होंने अर्जुन से कहा, वत्स, थोड़ा पानी पिलाओ। अर्जुन ने तत्काल धरती में तीर मारा और वहां से निकली जलधारा सीधे पितामह के मुंह में गिरी।

विज्ञापन


पढ़ें, मकर संक्रांति की कुंडली पर है शनि मंगल की अशुभ दृष्टि, हो सकती हैं यह बड़ी घटनाएं


प्यास बुझने पर वह बोले, जीवन तो नदी के समान है। इसकी धारा मोड़ने के लिए कितना ही संघर्ष करें, धारा अपने रास्ते ही जाएगी। इसलिए जीवन से लड़ें नहीं, उसके साथ सामंजस्य बिठाएं। इसे समझाते हुए उन्होंने एक कथा सुनाई। कबूतर को अपना आहार बनाने के लिए बाज ने उसका पीछा किया। कबूतर राजा शिबि की शरण में पहुंचा। पीछे-पीछे बाज भी आ गया। उसने कहा, महाराज! यह मेरा भक्ष्य है। इसकी रक्षा न करें।
विज्ञापन


पढ़े, राहु और केतु का राशि परिवर्तन 6 राशियों के लिए शुभ तो 6 के लिए अशुभ
विज्ञापन
विज्ञापन


शिबि ने कहा, मैंने इस पक्षी को अभय दिया है। तुम्हें भूख मिटाने के लिए मांस चाहिए, सो मैं इस कबूतर के वजन के बराबर मांस अपने शरीर से काटकर देता हूं। उन्होंने एक तराजू मंगाई और उसके एक पलड़े में कबूतर को रखा, दूसरे में अपने शरीर से मांस काटकर डालने लगे। काफी मांस काट दिया, किंतु दूसरा पलड़ा जरा भी नहीं हिला। आखिर बाज ने कहा, राजन, आप कितना मांस दे पाएंगे?

आपके बाद तो कबूतर को अपनी चिंता स्वयं ही करनी पड़ेगी। जब तक एक प्राणी नहीं मरेगा, संसार में दूसरा प्राणी नहीं आएगा। यह सुनकर राजा को लगा कि कहीं कबूतर को बचाकर मैं गलती तो नहीं कर रहा! शिबि की अंतरात्मा ने कहा, संसार का यही नियम है। जीवित प्राणी यही सोच सकते हैं, पर मनुष्य जीवन के नियम से आगे जीवन का अर्थ भी खोज सकता है। मनुष्य जीवन को अपनी गति से चलने देकर संवेदना भी जता सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed