फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Metaphysical ›   Mahadan of two rupees in Bhandara

भंडारे में दो रुपया, ऐसा कमाल कर सकता है सोचा नहीं होगा

Mon, 14 Apr 2014 08:49 AM IST
शिवकुमार गोयल
शिवकुमार गोयल Updated Mon, 14 Apr 2014 08:49 AM IST
विज्ञापन
Mahadan of two rupees in Bhandara

स्वामी दयानंद गिरि एक ब्रह्मनिष्ठ संत थे। वह प्रायः कहा करते थे कि जो व्यक्ति गरीबों और असहायों से प्रेम करता है, भगवान उसे अपनी कृपा का अधिकारी बना देते हैं। स्वामी जी विरक्ति की साक्षात मूर्ति थे।

विज्ञापन


एक दिन किसी मजदूर ने उन्हें नंगे पांव विचरण करते देखकर कपड़े के जूते भेंट किए। उन्होंने उस निश्छल भक्त के जूते खुशी-खुशी स्वीकार कर लिए। कुछ महीनों के बाद उनका दूसरा भक्त नए जूते लेकर आया और प्रार्थना की कि पुराने जूते उतारकर उसके लाए जूते पहन लें। स्वामी जी ने जवाब दिया, इन जूतों में मुझे गरीब मजदूर के प्रेम की झलक दिखाई देती है। मैं इन्हें तब तक पहनता रहूंगा, जब तक ये पूरी तरह फट न जाएं।
विज्ञापन


एक बार उनके भक्त शिवरात्रि पर भंडारा कर रहे थे। स्वामी जी प्रवचन में कह रहे थे कि वही सत्कर्म सफल होता है, जिसमें गरीबों के खून-पसीने की कमाई लगती है। अचानक उन्होंने देखा कि दरवाजे पर कुछ लोग एक वृद्धा को हाथ पकड़कर बाहर निकाल रहे हैं। स्वामी जी ने कहा, माई को आदर सहित यहां लाओ।
विज्ञापन
विज्ञापन


वृद्धा आई और बोली, महाराज, मेरे ये दो रुपये भंडारे में लगवा दें। ये लोग नहीं ले रहे हैं। स्वामी जी ने भक्त को पास बुलाया और कहा, इन दो रुपये का नमक मंगवाकर भंडारे में लगवा दो। खून-पसीने की कमाई के नमक से भंडारा भगवान का प्रसाद बन जाएगा। यह सुनते ही उस भक्त का सिर शर्म से झुक गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed