फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Metaphysical ›   Large living language not to be missed

क्या आपको भी याद है परलोक की भाषा?

Mon, 01 Sep 2014 09:18 AM IST
खलील जिब्रान
खलील जिब्रान Updated Mon, 01 Sep 2014 09:18 AM IST
विज्ञापन
Large living language not to be missed

पैदा होने के तीन दिन बाद की बात है। मैं रेशमी परदों वाले अपने हिंडोले में लेटा हुआ चकित और हताश-सा अपने चारों ओर की दुनिया को झांक रहा था। तभी मां ने आया से पूछा, मेरा बच्चा कैसा है?

विज्ञापन


आया ने कहा, वह बहुत अच्छा है मै'म। मैं उसे तीन बार दूध पिला चुकी हूं। इतना गोल-मटोल और हंसता-खेलता बच्चा मैंने इससे पहले कभी नहीं देखा।

पढ़ें,साप्ताहिक राशिफलः 1 सितंबर से 7 सितंबर तक का राशिफल
विज्ञापन


मुझे गुस्सा आ गया। मैं चीखकर बोला, यह सच नहीं है, मां। मेरा बिस्तर बहुत बेआराम है। जो दूध मुझे दिया जाता है, वह मुंह में कड़वाहट घोल देता है। लेकिन न तो मेरी मां और न नर्स ही मेरी बात समझ सकी, क्योंकि भाषा जो मैंने बोली थी, वहां की थी, जहां से मैं आया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


पैदा होने के इक्कीसवें दिन जब मुझे संस्कारित किया जा रहा था, तो पादरी ने मां से कहा, आपको खुश होना चाहिए मैडम कि आपका बेटा ईसाई परिवार में पैदा हुआ है। मुझे बड़ा ताज्जुब हुआ। मैं पादरी से बोला, तब तो तुम्हारी मां बड़ी दुखी हुई होगी, क्योंकि तुम पैदाइशी ईसाई नहीं हो। लेकिन पादरी भी मेरी भाषा नहीं समझ सका।


पढ़ें,मासिक राशिफलः जानिए सितंबर का महीना आपके लिए कैसा रहेगा

सात माह बाद, एक ज्योतिषी ने मेरी मां से कहा, आपका बेटा एक राजनीतिज्ञ और महान जननेता बनेगा। मैं चिल्ला उठा, यह गलत कहता है। मैं एक संगीतकार बनूंगा; सिर्फ संगीतकार।

लेकिन उस उम्र में भी मेरी बात पर किसी ने गौर नहीं किया। और तैंतीस वर्ष बाद, मेरी मां, आया और पादरी मर चुके हैं। ज्योतिषी अभी जिंदा है। कल वह मंदिर के पास मुझसे मिला। बातों ही बातों में उसने मुझसे कहा, जब तुम गोद में थे, मैंने तभी भविष्यवाणी कर दी थी कि तुम बहुत बड़े संगीतकार बनोगे।

मैंने उसकी बात मान ली, क्योंकि अब मैं भी उस दूसरी दुनिया की भाषा भूल चुका हूं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed