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भूकंप से एक मां ने अपने बच्चे को कैसे बचाया, पढ़कर आंखें नम हो जाएंगी
भिक्षु अनंगसेन
Updated Tue, 22 Sep 2015 07:59 PM IST
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वर्ष 2011 में जापान में आए सुनामी और भूकंप के कारण 20 लाख से ज्यादा परिवार प्रभावित हुए थे। वाकया उसी समय का है। एक बचाव दल पूरी तरह ध्वस्त हुए घर की जांच कर रहा था। उसे बारीक दरारों में से एक महिला का शरीर दिखा, लेकिन वह अजीब अवस्था में था। महिला घुटनों के बल ठीक वैसे बैठी थी, जैसे भगवान के सामने सिर झुकाया हो। उसके दोनों हाथ किसी चीज को पकड़े हुए थे।
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बचाव दल समझ गया कि महिला मर चुकी है, इसलिए वह उसे छोड़ दूसरे मकानों की ओर चल पड़ा। मगर थोड़ी देर बाद बचाव दल के प्रमुख ने कहा, पता नहीं क्यों, मुझे उस महिला का घर अपनी तरफ खींच रहा है। हमें उसे ऐसे छोड़कर नहीं आना चाहिए।
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उसके बाद दल एक बार फिर उस महिला के घर की ओर बढ़ चला। दल के प्रमुख ने मलबे को सावधानी से हटाकर अपना हाथ महिला की तरफ बढ़ाया। महिला के शरीर के नीचे देखने पर उसके मुंह से निकला, यहां एक बच्चा है। महिला के मृत शरीर के नीचे एक टोकरी में रेशमी कंबल में लिपटा हुआ तीन महीने का एक बच्चा था।
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दल को समझ में आ चुका था कि महिला ने अपने बच्चे को बचाने के लिए अपना जीवन त्याग दिया। हुआ यह था कि भूकंप के दौरान जब घर गिरने वाला था, तब उस महिला ने अपने शरीर से सुरक्षा देकर अपने बच्चे की रक्षा की थी। दल ने सावधानीपूर्वक मलबा हटाया।
बचाव दल ने जब बच्चे को निकाला, तो उसे वहां एक मोबाइल मिला, जिसमें संदेश लिखा था, मेरे बच्चे, अगर तुम बच गए, तो बस इतना याद रखना कि तुम्हारी मां तुम्हें बहुत प्यार करती है। यह देखकर सभी की आंखें नम हो गईं। जाहिर है, बच्चा अब बड़ा हो रहा है, और उसे संभालने वालों की होड़ लगी है।