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एक आदत जो बदल देगी जिंदगी, हर तरफ प्यार ही प्यार होगा
आर्ट बुकवाल्ड
Updated Thu, 03 Dec 2015 11:47 AM IST
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एक दिन न्यूयॉर्क में बुकवाल्ड नामक लेखक अपने एक दोस्त के साथ टैक्सी से जा रहा था। जब वे उतरने लगे, तो बुकवाल्ड ने ड्राइवर से कहा, धन्यवाद, आपने बहुत अच्छी गाड़ी चलाई। टैक्सी ड्राइवर एक पल के लिए भौचक्का रह गया।
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फिर उसने पूछा, आप मेरा मजाक तो नहीं उड़ा रहे? बुकवाल्ड ने कहा, मैं सचमुच आपके टैक्सी चलाने से प्रभावित हूं, क्योंकि इतने भारी ट्रैफिक में आपने एक बार भी अपना दिमागी सतुंलन नहीं खोया। ड्राइवर धन्यवाद कहते हुए वहां से चला गया।
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चकित दोस्त ने उससे ड्राइवर को धन्वयाद देने की वजह पूछी। उसने जवाब दिया, मैं इस महानगर में प्रेम वापस लाने की कोशिश कर रहा हूं। यही एक चीज है, जो इस शहर को बचा सकती है। दोस्त ने पूछा कि तुम अकेले इस शहर को कैसे बचा सकते हो? बुकवाल्ड बोला, मैं अकेला नहीं हूं। देखो, मुझे लगता है कि मेरी बात सुनकर टैक्सी ड्राइवर खुश हुआ होगा।
मान लो, आज उसे बीस सवारियां मिलती है, तो वह उन सवारियों से अच्छा व्यवहार करेगा। बदले में वे सवारियां भी दूसरों से अच्छा व्यवहार करेंगी। जो भी उनके संपर्क में आएगा, वे उनसे अच्छा व्यवहार करेंगे। अतः सद्भावना का यह सिलसिला कम से कम एक हजार लोगों तक पहुंचेगा।
दोस्त ने कहा, क्या तुम इस भरोसे बैठे हो कि वह टैक्सी ड्राइवर तुम्हारी सद्भावना दूसरों तक पहुंचाएगा? बुकवाल्ड ने कहा, मैं जानता हूं कि मेरी यह नीति हमेशा कामयाब नहीं होगी। पर मेरी वजह से अगर तीन लोग भी खुश हो गए, तो तीन हजार लोगों पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा।
वे दोनों चलते रहे। रास्ते में एक इमारत बन रही थी। पांच कारीगर पास बैठकर लंच कर रहे थे। बुकवाल्ड उनके पास जाकर बोला, आप लोग कितनी बढ़िया इमारत बना रहे हो। कारीगरों ने बुकवाल्ड की तरफ शक भरी निगाह से देखा।
बुकवाल्ड ने पूछा, यह इमारत कब तक बन जाएगी? एक कारीगर ने उखड़ कर कहा, जून तक। दोस्त पर उसकी झल्लाहट का कोई असर नहीं हुआ। वह बोला, वाह, इमारत कितनी बढ़िया दिखेगी। आप लोगों को इस पर बहुत गर्व होगा। चलते-चलते बुकवाल्ड ने दोस्त से कहा, भले ही कारीगरों को खीझ आ रही हो, लेकिन जब उन्हें मेरी बात समझ में आएगी, तो उन्हें खुशी मिलेगी।