फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Metaphysical ›   banaras cremation ground where recovered tax from the dead body

भारत का इकलौता श्मशान घाट, जहां मुर्दों से भी वसूला जाता है टैक्स

Wed, 26 Sep 2018 04:53 PM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 26 Sep 2018 04:53 PM IST
विज्ञापन
banaras cremation ground where recovered tax from the dead body

भगवत गीता के एक उपदेश में कहा गया है कि जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु भी निश्चित है। हिन्दू धर्म में सभी 16 संस्कारों में अंतिम संस्कार शव यात्रा की होती है। हिंदू धर्म में शव को गंगा के घाट पर अंतिम क्रिया की जाती है। काशी को मोक्ष प्राप्ति के लिए सबसे पवित्र जगह माना गया है। यहां पर जिस व्यक्ति का अंतिम संस्कार होता है उसे सीधे स्वर्ग का प्राप्ति होती है। बनारस के घाट दुनिया का इकलौता श्मशान है जहां पर चिता हमेशा जलती रहती है। बनारस के श्मशान घाट में एक ऐसा घाट है जहां पर मुर्दों से भी टैक्स वसूला जाता है। श्मशान घाट पर लाशों से टैक्स वसूलने के पीछे की ये कहानी भी दिलचस्प है।

विज्ञापन


हरीशचंद्र घाट पर अंतिम संस्कार की कीमत चुकाने की यह परम्परा तकरीबन 3000 साल पुरानी है। ऐसी मान्यता है कि श्मशान के रख रखाव का जिम्मा तभी से डोम जाति के हाथ था। दरअसल टैक्स वसूलने के मौजूदा दौर की शुरुआत हुई राजा हरीशचंद्र के जमाने से। हरीशचंद्र ने एक वचन के तहत अपना राजपाट छोड़ कर डोम परिवार के पूर्वज कल्लू डोम की नौकरी की थी। इसी बीच उनके बेटे की मौत हो गई और बेटे के दाह संस्कार के लिये उन्हें मजबूरन कल्लू डोम की इजाजत मांगनी पड़ी। चूंकि बिना दान दिये तब भी अंतिम संस्कार की इजाज़त नहीं थी लिहाजा राजा हरीशचंद्र को अपनी पत्नी की साड़ी का एक टुकड़ा बतौर दक्षिणा कल्लू डोम को देना पड़ा। बस तभी से शवदाह के बदले टैक्स मांगने की परम्परा मजबूत हो गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed