फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Metaphysical ›   Age can't limit interest of study

जब पूर्व राष्ट्रपति ने दिया खास मौके पर पत्नी को अजब सा तोहफा

Fri, 05 Sep 2014 01:27 PM IST
अवनींद्र कुमार विद्यालंकार
अवनींद्र कुमार विद्यालंकार Updated Fri, 05 Sep 2014 01:27 PM IST
विज्ञापन
Age can't limit interest of study

राधाकृष्णन का जन्म अत्यंत निर्धन परिवार में हुआ था। उनके परिवार का गुजारा मुश्किल से चलता था। मगर पिता की राय में शिक्षा का महत्व गुजारे से अधिक था। लिहाजा उन्होंने राधाकृष्णन का दाखिला तिरुपति में लुथर्न मिशन स्कूल में कराया। चार साल बाद वह वेल्लूर में पढ़ने चले गए। उन्हीं दिनों राधाकृष्णन का विवाह कर दिया गया। तब वह महज 16 वर्ष के थे।

विज्ञापन


उनकी पत्नी सिवाकामू उम्र में उनसे छह साल छोटी थी और वह एक दिन भी स्कूल नहीं गई थी। राधाकृष्णन को जब पता चला कि पत्नी अनपढ़ है, तो वह कुछ देर सोचते रहे और फिर वापस वेल्लूर चले गए।
विज्ञापन


पढ़ें,इन ग्यारह बातों से जान जाएंगे कि आपकी आत्मा की उम्र कितनी है
तीन साल बाद सिवाकामू राधाकृष्णन के साथ रहने लगी। शुरू में वह पैतृक गांव तिरुतनी में ही रहीं। वहां पति से मुलाकात हुई, तो पहला ही निर्देश यह था कि तमिल की वर्णमाला लिखना सीखो। राधाकृष्णन ने पारिवारिक जीवन शुरू करने के दिन उपहार के तौर पर अपनी पत्नी को अक्षरबोध सिखानेवाली पाठमाला और तख्ती-पेंसिल वगैरह लाकर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


वेल्लूर में 1902 मे मैट्रिक पास करने के बाद उन्होंने विधिवत पारिवारिक जीवन शुरू किया। पत्नी को पढ़ाना उनके पारिवारिक जीवन का मुख्य हिस्सा था। हाई स्कूल परीक्षा अच्छे अंकों से पास करने पर राधाकृष्णन को छात्रवृत्ति भी मिली। इस वृत्ति का चौथाई हिस्सा, जो आज के हिसाब से करीब 150 रुपये होता, सिवाकामू के लिए उन्होंने सुरक्षित रखा।


पढ़ें,क्यों, शादी के बाद ऐसे पुरुषों की सेहत खराब होने लगती है?
मैट्रिक की पढ़ाई आगे जारी रखते हुए राधाकृष्णन ने सिवाकामू को तमिल में पारंगत कर दिया। थोड़ी-बहुत अंग्रेजी भी सिखा दी। पढ़ने-लिखने में सिवाकामू की रुचि बढ़ने पर राधाकृष्णन ने उन्हें तमिल की प्रसिद्ध रामकथा कंब रामायण लाकर दी। अध्ययन में सिवाकामू की रुचि इतनी बढ़ गई थी कि जिन दिनों वह गर्भवती थीं, तब भी वह अंग्रेजी सीख रही थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed