शीतला अष्टमी आज, क्यों चढ़ाया जाता है बासी प्रसाद
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चैत्र महीने की कृष्ण पक्ष की सप्तमी और अष्टमी तिथि को शीतला सप्तमी मनाई जाती है। यह उपवास आज किया जा रहा है। कुछ लोग सप्तमी तिथि पर वहीं कुछ अष्टमी को यह व्रत रखते हैं। ऐसी मान्यता है शीतला सप्तमी और अष्टमी पर व्रत रखने मनोकामनओं की पूर्ति और बीमारियों से रक्षा होती है। शीतला सप्तमी या अष्टमी को मां को बासी प्रसाद चढ़ाया जाता है। यह प्रसाद एक दिन पहले ही बना कर रख लिया जाता है। फिर सप्तमी या अष्टमी को घर पर किसी तरह का कोई भी भोजन नहीं बनता। इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से व्यक्ति को चेचक, खसरा जैसे रोगों का प्रकोप नहीं रहता।
माता को बासी प्रसाद क्यों
मान्यता के अनुसार शीतला माता को ठंडी चीजें बहुत प्रिय होती है। शीतला सप्तमी और अष्टमी को ठंडी चीजों का भोग लगाया जाता है। इस कारण से इस व्रत को बसौड़ा भी कहते हैं। दरअसल इस दिन के बाद से बासी भोजन नहीं किया जाता है। शीतला सप्तमी या अष्टमी से मौसम में परिवर्तन आने लगता है। यह व्रत करने परिवार के सदस्यों को त्वचा रोग संबंधी तमाम बीमारियों से बचाव होता है।