फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Navratri 2026 3rd Day Maa Chandraghanta Puja Vidhi Shubh Muhurat Mantra Katha Bhog

तीसरे नवरात्रि पर मां चंद्रघंटा की पूजा: विशेषरूप से तनाव लेने वाले और पित्त प्रकृति के लोग करें मां चंद्रघंटा

Tue, 13 Oct 2026 12:49 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Tue, 13 Oct 2026 12:49 PM IST
सार

शारदीय नवराात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा करने का विधान होता है। इनकी आराधना से साधकों को चिरायु, आरोग्य, सुखी और संपन्न होने का वरदान प्राप्त होता हैं।

विज्ञापन
Navratri 2026 3rd Day Maa Chandraghanta Puja Vidhi Shubh Muhurat Mantra Katha Bhog
नवरात्रि माता तीसरा स्वरूप - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

नवरात्रि की दुर्गा-उपासना में तीसरे दिन की पूजा का अत्याधिक महत्व हैं। मां दुर्गाजी की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा हैं, नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन इन्हीं के विग्रह का पूजन-अर्चन किया जाता हैं।
विज्ञापन


ऐसा है मां चंद्रघंटा का स्वरूप
इनका यह स्वरूप परम शान्तिदायक और कल्याणकारी हैं। बाघ पर सवार मां चंद्रघंटा के शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला हैं। इनके मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान हैं, इसलिए इन्हें  चंद्रघंटा कहा जाता हैं। दस भुजाओं वाली देवी के हर हाथ में अलग-अलग शस्त्र विभूषित हैं। इनके गले में सफेद फूलों की माला सुशोभित रहती हैं। इनकी मुद्रा युद्ध के लिए उद्धत रहने वाली होती है। इनका वाहन सिंह है अतः इनका उपासक सिंह की तरह पराक्रमी और निर्भय हो जाता है।
विज्ञापन


दुष्टों का दमन करने वाली मां
इनके घंटे की सी भयानक ध्वनि से अत्याचारी दानव- दैत्य-राक्षस सदैव प्रकम्पित रहते हैं। दुष्टों का दमन और विनाश करने में सदैव तत्पर रहने के बाद भी इनका स्वरूप दर्शक और आराधक के लिए अत्यंत सौम्यता और शांति से परिपूर्ण रहता है। अतः भक्तों के कष्टों का निवारण ये शीघ्र ही कर देती हैं। इनके घंटे की ध्वनि सदा अपने भक्तों की प्रेत-बाधादि से रक्षा करती है। इनका ध्यान करते ही शरणागत की रक्षा के लिए इस घंटे की ध्वनि निनादित हो उठती है। इस दिन साधक का मन 'मणिपुर चक्र' में प्रविष्ट होता हैं और मां चंद्रघंटा की कृपा से उसे आलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं। मां चंद्रघंटा के भक्त और उपासक जहाँ भी जाते हैं लोग उन्हें देखकर शांति का अनुभव करते हैं। ऐसे साधक के शरीर से दिव्य प्रकाश युक्त परमाणुओं का अदृश्य विकिरण होता है। यह दिव्य क्रिया साधारण चक्षुओं से दिखायी नहीं देती,किन्तु साधक व उसके संपर्क में आने वाले लोग इस बात का अनुभव करते हैं।        
विज्ञापन
विज्ञापन


पूजा फल
इनकी आराधना से साधकों को चिरायु, आरोग्य, सुखी और संपन्न होने का वरदान प्राप्त होता हैं। मां चंद्रघंटा की कृपा से साधक के समस्त पाप और बाधाएं नष्ट हो जाती हैं। इनकी आराधना से प्राप्त होने वाला एक बहुत बड़ा सद्गुण यह भी है कि साधक में वीरता-निर्भयता के साथ ही सौम्यता और विनम्रता का भी विकास होता हैं। उसके मुख, नेत्र और सम्पूर्ण काया में कांति वृद्धि होती है और स्वर में दिव्य-अलौकिक माधुर्य का समावेश हो जाता है।


इनको करनी चाहिए पूजा
क्रोधी, छोटी-छोटी बातों से विचलित हो जाने और तनाव लेने वाले तथा पित्त प्रकृति के लोग माँ चंद्रघंटा की भक्ति करें।

ऐसे करें पूजा
मां को शुद्ध जल और पंचामृत से स्नान करायें। अलग-अलग तरह के फूल,अक्षत, कुमकुम, सिन्दूर,अर्पित करें।

ये चढ़ाएं भोग
केसर-दूध से बनी मिठाइयों या खीर का भोग लगाएं।

ये पुष्प चढ़ाएं
मां को सफेद कमल,लाल गुडहल और गुलाब की माला अर्पण करें।

यह जपें मंत्र
"या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नमः।"

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed